प्रदेश में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जा रहा:डिप्टी सीएम ब्रजेश
—चिकित्सकों और डिजिटल रेफरल प्रणाली को एक नेटवर्क से जोड़ना:डिप्टी सीएम
लखनऊ। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था किसी भी मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली की महत्वपूर्ण आधारशिला है। गंभीर एवं आकस्मिक परिस्थितियों में मरीज को समय पर सटीक उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं और अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
रविवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन एम्पार्व- 2026 को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कही। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की पहली सुरक्षा-पंक्ति है। संकट की घड़ी में मरीज को सही समय पर सही उपचार मिलना ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी है। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, स्ट्रोक, सेप्सिस, विषाक्तता अथवा गंभीर चोट जैसी आपात स्थितियों में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल तक पहुंचने का समय,चिकित्सक का त्वरित निर्णय, प्रशिक्षित टीम की तैयारी और उपचार की गति जीवन और मृत्यु के बीच अंतर तय कर सकती है। इसलिए आधुनिक एमरजेंसी मेडिसिन को केवल एक स्पेशियलिटी के रूप में नहीं, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य तंत्र की जीवनरक्षक व्यवस्था के रूप में विकसित करना होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एम्पार्व- 2026 इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों, चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ और युवा रेजिडेंट्स को ज्ञान, कौशल, प्रशिक्षण एवं नवाचार के साझा मंच पर ला रहा है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 21 हैंड्स-ऑन वर्कशॉप, एक हजार से अधिक डेलीगेट्स और लगभग 180 राष्ट्रीय फैकल्टी सदस्यों की सहभागिता के साथ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर एवं मध्य-पूर्व सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों की उपस्थिति इसे वैश्विक स्तर का महत्वपूर्ण चिकित्सा सम्मेलन बनाती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह सकतीं। सरकार का संकल्प है कि गांव से लेकर महानगर तक, हर जिले में और हर जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण इमरजेंसी केयर पहुंचे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा एंड इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।इसका उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और डिजिटल रेफरल प्रणाली को एक नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि गंभीर मरीज को गोल्डन ऑवर के भीतर आवश्यकता के अनुरूप सही स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की असली सफलता तभी है, जब संकट की घड़ी में व्यवस्था मरीज तक सबसे पहले पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण, त्वरित, सुलभ और जीवन रक्षक आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजन इस संकल्प को नई ऊर्जा, नई तकनीक और नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने, नवीन चिकित्सा तकनीकों को अपनाने तथा चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने पर सार्थक विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
