संत कबीर नगर, पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन, मुथा अशोक जैन के मार्गदर्शन तथा जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार* एवं पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में उत्तर प्रदेश शासन के *मिशन शक्ति अभियान* के अंतर्गत संचालित *“बहू–बेटी सम्मेलन”* कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद संतकबीरनगर में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पुलिस विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से प्रारम्भ किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 14 जुलाई 2026 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक खलीलाबाद विकास खंड सभागार, संत कबीर नगर में किया गया।
प्रशिक्षण में जनपद के तीन विकास खण्ड खलीलाबाद , सेमारियावा एवं बघौली से पुलिस विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के कुल 30 नामित प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय* द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बहू–बेटी सम्मेलन महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने तथा हिंसा की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण सामुदायिक पहल है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों की क्षमता का विकास करना है, ताकि वे अपने-अपने विकास खण्डों में ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण के उपरांत ग्राम स्तरीय सुगमकर्ता प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के साथ छह सप्ताह में छह विषयगत सत्र आयोजित करेंगे, जिनके माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता, सम्मानजनक संबंधों तथा हिंसा की रोकथाम जैसे विषयों पर सामुदायिक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बहू–बेटी सम्मेलन के उद्देश्य, संचालन की प्रक्रिया तथा ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उनकी भूमिका की जानकारी दी गई। महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं पर चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागियों को प्रभावी संवाद, सक्रिय रूप से सुनने, सही प्रश्न पूछने तथा समुदाय के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने का अभ्यास समूह चर्चा, भूमिका-अभिनय (रोल प्ले), केस स्टडी एवं अन्य सहभागी गतिविधियों के माध्यम से कराया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों की समझ का मूल्यांकन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षण को पूरी तरह सहभागी एवं व्यवहारिक बनाया गया। इसमें समूह चर्चा, भूमिका-अभिनय, गतिविधि आधारित अभ्यास, केस स्टडी तथा अनुभव साझा करने जैसी प्रशिक्षण विधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागी न केवल विषयवस्तु को समझ सकें, बल्कि ग्राम स्तर पर बहू–बेटी सम्मेलन का प्रभावी संचालन भी कर सकें।
यूनिसेफ के मण्डलीय बाल संरक्षण सलाहकार श्री राजेश कुमार सैनी ने बहू–बेटी सम्मेलन की अवधारणा, प्रशिक्षण की रूपरेखा, प्रशिक्षण के उद्देश्य तथा कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों की क्षमता का विकास करना, उन्हें विषयगत जानकारी एवं सहभागी प्रशिक्षण विधियों से सशक्त बनाना तथा ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित करने हेतु तैयार करना है। उन्होंने यह भी बताया कि बहू–बेटी सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करना, उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना तथा हिंसा की रोकथाम के लिए समुदाय को सक्रिय रूप से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षक अपने-अपने विकास खण्डों में ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे, जो आगे प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिलाओं के साथ छह सप्ताह तक छह विषयगत सत्र आयोजित करेंगे।
प्रशिक्षण में मास्टर प्रशिक्षक के रूप में सुश्री स्वीटी मंडल, मोनिका शुक्ला, महेश गुप्ता एवं दिग्विजय सिंह ने विभिन्न विषयों पर सहभागी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त किया गया तथा सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने विकास खण्डों में बहू–बेटी सम्मेलन का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।