बकरीद पर कानून के दायरे में हो कुर्बानी, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी
लखनऊ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनज़र मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी ने मुस्लिम समाज से शांति, सौहार्द और कानून का पालन करते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की की जाए, जिनकी अनुमति भारतीय संविधान और कानून में दी गई है।
मौलाना ज़ैदी ने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे और इंसानियत का धर्म है, इसलिए किसी भी ऐसे कार्य से बचना चाहिए जिससे किसी धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि भारत गंगा-जमुनी तहज़ीब का देश है, जहां सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
ये खबर भी पढ़े : अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविरों में 375 लोगों ने रक्तदान कियाउन्होंने अपने बयान में कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, इसलिए मुसलमानों को उसकी ओर “नज़र उठाकर भी नहीं देखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि बकरीद का वास्तविक संदेश त्याग, इंसानियत और समर्पण है, न कि विवाद और तनाव पैदा करना।
मौलाना ज़ैदी ने मुस्लिम युवाओं से सोशल मीडिया पर भड़काऊ या विवादित सामग्री साझा न करने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार को सादगी और शांति के साथ मनाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि देश में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि भारत की साझा संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना होगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
