आगरा: राष्ट्रीय रोजगार मेले में 164 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति-पत्र
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने किया शुभारंभ; आयकर, डाक और अन्य विभागों के नव-नियुक्त युवाओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
राजेश शर्मा
आगरा । सूर सदन प्रेक्षागृह में आयकर विभाग द्वारा राष्ट्रीय रोजगार मेला की 20वीं किश्त का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय, प्रो. एस. पी. सिंह बघेल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय रोजगार मेला भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस श्रृंखला की 20वीं किश्त के अंतर्गत देशभर में 45 स्थानों पर 51,000 से अधिक नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।
इनमें 164 नियुक्ति-पत्र आगरा में वितरित किए गए। आगरा में नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में 124 आयकर विभाग (CBDT), 21 डाक विभाग, 13 उच्च शिक्षा विभाग, 3 वित्तीय सेवा विभाग, 1 सीमा सुरक्षा बल (BSF) तथा 2 केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से संबंधित हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वर्चुअल संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिसे कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं नव-नियुक्त अभ्यर्थियों द्वारा देखा एवं सुना गया। प्रधानमंत्री जी ने देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर मोदी सरकार की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रसारण किया गया, जिसमें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार शिक्षा है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण कुंजी है। देश में गरीबी और असमानता को दूर करने के लिए प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलें, इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार और प्रयास आवश्यक हैं। शिक्षा के माध्यम से बच्चों में ज्ञान, आत्मविश्वास, संस्कार और आगे बढ़ने की क्षमता विकसित होती है। वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को आधुनिक ज्ञान और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना भी जरूरी है। भारत की समृद्ध ज्ञान, संस्कृति और भाषाई परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करना अच्छी बात है, लेकिन अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना भी बनी रहनी चाहिए। भारत की शिक्षा और ज्ञान परंपरा का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए शिक्षा के साथ मेहनत, लगन और आत्मविश्वास भी आवश्यक हैं। शिक्षा वह माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने जीवन की अनेक कठिनाइयों का समाधान खोज सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन करने, अपने ज्ञान का विस्तार करने और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत से प्रयास करने का आह्वान किया। नौकरी में चयन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इंटरव्यू व्यवस्था पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को उनके ज्ञान, व्यक्तित्व और संवाद क्षमता को प्रस्तुत करने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो सके।केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मेहनत, लगन और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने तथा देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्गों के बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों का आयकर विभाग में स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल एक पद ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि एक स्थापित संस्था की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों का हिस्सा बनने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की कार्यप्रणाली में पिछले कुछ वर्षों में तकनीक, डेटा, डिजिटल प्रणालियों और पारदर्शी प्रक्रियाओं की भूमिका निरंतर बढ़ी है। करदाता सेवाओं को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ विभाग की कार्यक्षमता और जवाबदेही को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे अपने विभाग की कार्यप्रणाली को समझते हुए निर्धारित दायित्वों का गंभीरता, समयबद्धता और आवश्यक सावधानी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने विशेष रूप से सूचना की गोपनीयता, रिकॉर्ड की शुद्धता, नियमों के अनुपालन तथा संस्थागत विश्वास के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विभाग की वास्तविक शक्ति उसकी नीतियों और प्रणालियों के साथ-साथ उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों में निहित होती है, जो इन व्यवस्थाओं को धरातल पर लागू करते हैं। नव-नियुक्त अभ्यर्थियों से अपने कार्य के माध्यम से संबंधित विभाग की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता एवं प्रतिष्ठा को और मजबूत करने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान नव-नियुक्त अभ्यर्थियों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता का वातावरण रहा। नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने भारत सरकार की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने व्यावसायिक जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन में सहयोग करने वाले सभी मंत्रालयों, विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की गई। सभी नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को उनके सेवाकाल के शुभारंभ पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।कार्यक्रम में जनपद के माननीय जनप्रतिनिधिगण, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड, वरिष्ठ अधिकारीगण, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के प्रतिनिधि, कर्मचारीगण, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नव-नियुक्त अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
