भातखण्डे विवि में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का आयोजन
— बच्चों की भावनात्मक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन मासिक कार्यशाला के अंतर्गत बुधवार को आयोजित दो दिवसीय समापन प्रदर्शन कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत भव्य,आकर्षक एवं सुव्यवस्थित प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कार्यशाला के दौरान अर्जित कौशल एवं कलात्मक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. मांडवी सिंह एवं प्रथम दिवस की मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
प्रथम दिवस पर विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रशिक्षक अभिषेक कुमार त्रिपाठी ,शास्त्रीय गायन , नमन सिंह ,सुगम संगीत, मोहित कपूर , लोकनृत्य, तुषार सहाय , तबला, भानु बनर्जी ,वायलिन , गौरव सिंह गिटार – वेस्टर्न , आशु कान्ति सिन्हा ,बांसुरी, कृष्ण कुमार मौर्य , हारमोनियम, शिवम पाण्डेय ,की-बोर्ड, रिनी भारद्वाज एवं जयशिका सिंह , कथक नृत्य, तथा वैष्णवी मिश्रा , भरतनाट्यम, के निर्देशन में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर कुलपति प्रो.मांडवी सिंह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन कार्यशालाएं विद्यार्थियों के लिए केवल कौशल विकास का माध्यम ही नहीं,बल्कि उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने का सशक्त मंच भी हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भारतीय संगीत एवं कला की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्राप्त होता है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
