पेट्रोल-डीजल और महंगाई के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, बैलगाड़ी से पहुंचे कार्यकर्ता
राहुल सिंह यादव
लखनऊ। राजधानी लखनऊ की सड़कों पर बुधवार को उस समय एक अनोखा सियासी सैलाब उमड़ पड़ा, जब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता बैलगाड़ियो और साइकिलों पर सवार होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। सरकार की आर्थिक नीतियों को ठेंगा दिखाते हुए इस प्रतीकात्मक विरोध ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया।
महंगाई, बेरोजगारी, लगातार होते पेपर लीक और ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था के खिलाफ सपा का यह अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक प्रदर्शन रहा। कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील किया गया था, लेकिन इसके बावजूद सपाइयों का आक्रोश थमता नजर नहीं आया।
नारों के बीच सपा के शीर्ष पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। नेतृत्व कर रहे नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि अगर जनहित में तुरंत फैसले नहीं बदले गए, तो यह चिंगारी पूरे प्रदेश में दावानल बनेगी।
ये खबर भी पढ़े : जनपद मीरजापुर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, युवाओं ने निकाली रैलीबैलगाड़ी के युग में लौटने को मजबूर किया: आर.के. चौधरी
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे मोहनलालगंज के सांसद आर.के. चौधरी, लखनऊ जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत और प्रदेश सचिव विजय सिंह यादव ने कहा कि मौजूदा हुकूमत की गलत नीतियों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने आम आदमी को फिर से बैलगाड़ी के युग में लौटने पर मजबूर कर दिया है। खाद्य एवं दैनिक उपभोग की घरेलू वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बिजली की महंगी दरों को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया गया।
संस्थागत हो चुका है पेपर लीक का भ्रष्टाचार: जूही सिंह
युवाओं और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूर्व राष्ट्रीय महिला सभा अध्यक्ष जूही सिंह, जिला महासचिव शब्बीर खान और महिला सभा की जिला अध्यक्ष प्रेमलता यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। हर प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होना इस बात का सबूत है कि भर्ती तंत्र में भ्रष्टाचार संस्थागत हो चुका है। बेरोजगारी से हताश युवा सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं।
'फर्जी एनकाउंटर' से ध्यान भटकाने की कोशिश
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है; महिलाएं असुरक्षित हैं और उनका उत्पीड़न चरम पर है। सरकार अपनी विफलताओं और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए 'फर्जी एनकाउंटर' का सहारा ले रही है लोगों को फर्जी केस में फंसा कर जेल भेज रही है। कलेक्ट्रेट परिसर में अनिल समेत सैकड़ो की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां और न्याय की पुरजोर मांग की। सपा नेतृत्व ने साफ कर दिया कि जब तक भ्रष्टाचार व महंगाई पर अंकुश नहीं लगता, तब तक सड़क से सदन तक यह संघर्ष आर-पार की तर्ज पर जारी रहेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
