सिफारिश नहीं, सीधे फरियाद लेकर आएं: एसपी केके विश्नोई का सख्त संदेश
नवागत एसपी ने संभाली जिले की कमान, पुलिसिंग को लेकर सख्त तेवर
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक केके विश्नोई (कृष्ण कुमार) ने कार्यभार संभालने के बाद पुलिसिंग को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। एसपी ने सिफारिश और पैरवी की संस्कृति पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पीड़ित को अपनी समस्या लेकर किसी तीसरे व्यक्ति या सिफारिशकर्ता के पास जाने की जरूरत नहीं है। वह सीधे उनसे मिल सकता है और उसकी शिकायत की गंभीरता से सुनवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने काम के लिए किसी की सिफारिश लेकर आता है अथवा किसी से फोन करवाता है तो उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है। आम नागरिक बिना किसी डर, दबाव या झिझक के सीधे पुलिस अधिकारियों से अपनी बात रख सकता है।
पीड़ितों के लिए खुले रहेंगे एसपी कार्यालय के दरवाजे
एसपी केके विश्नोई ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को अपनी समस्या बताने के लिए किसी माध्यम की जरूरत नहीं है। वह सीधे उनके पास आए और अपनी बात रखे। जनता की शिकायत को पूरी संवेदनशीलता, गंभीरता और प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र मामलों में न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उनके इस संदेश को जिले में पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसपी ने यह भी संकेत दिया कि फरियादियों और पुलिस के बीच सक्रिय बिचौलियों तथा अनावश्यक पैरवी को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा।
चौकी की समस्या चौकी पर ही होनी चाहिए निस्तारित
नवागत एसपी ने पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए निचले स्तर पर ही समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चौकी क्षेत्र की समस्या चौकी स्तर पर ही निस्तारित होनी चाहिए और वह थाने तक नहीं पहुंचनी चाहिए। इसी तरह थाने से संबंधित समस्या का समाधान थाना स्तर पर ही हो जाना चाहिए और फरियादी को एसपी कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए लोगों को उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
'तीसरे व्यक्ति' की भूमिका खत्म करने का संकेत
एसपी के इस रुख से साफ है कि वह पुलिस और जनता के बीच सीधे संवाद को प्राथमिकता देना चाहते हैं। आमतौर पर शिकायतों के निस्तारण में पैरवी, सिफारिश अथवा बिचौलियों की भूमिका को लेकर लोगों में असंतोष रहता है। ऐसे में एसपी का यह स्पष्ट संदेश पुलिस महकमे के साथ-साथ आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि यदि थाना और चौकी स्तर पर ही शिकायतों का निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण होगा तो पीड़ितों को उच्चाधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
22 अगस्त को संभाली थी बिजनौर की कमान
आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार उर्फ केके विश्नोई ने 22 अगस्त 2026 को बिजनौर के पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण किया। वह इससे पहले संभल के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। संभल में अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर उनकी पहचान एक कड़क और कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी के रूप में बनी।
अब बिजनौर में पदभार संभालने के बाद उनके शुरुआती संदेश से संकेत मिल रहे हैं कि यहां भी वह कानून व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस की जवाबदेही और जनता से सीधे संवाद को प्राथमिकता देने वाले हैं।
सख्त छवि के साथ संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
केके विश्नोई की कार्यशैली में एक ओर अपराधियों के खिलाफ सख्ती और दूसरी ओर पीड़ितों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि अपराधी के प्रति पुलिस का रवैया सख्त होना चाहिए, लेकिन पीड़ित और आम नागरिक को पुलिस से भय नहीं, बल्कि भरोसा महसूस होना चाहिए।
नवागत एसपी का यह संदेश आने वाले दिनों में बिजनौर पुलिस की कार्यशैली की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि थाना और चौकी स्तर पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण, सिफारिश संस्कृति पर अंकुश और जनता से सीधे संवाद की यह नीति जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
