शिवप्रसाद का जीवन सादगी, सच्चाई और परोपकार की एक जीती-जागती मिसाल था - राम प्रसाद
शिवप्रसाद मिश्रा प्रखर वक्ता, कर्मकांडी और कर्मठी कार्यकर्ता थे - राम चंद्र शुक्ल
गायत्री शक्तिपीठ में शोक सभा का आयोजन
बस्ती - आज मंगलवार को गायत्री शक्तिपीठ/गायत्री परिवार ट्रस्ट बस्ती में शोक सभा का आयोजन किया गया | शक्तिपीठ के वरिष्ठ परिव्राजक/ट्रस्टी राम प्रसाद त्रिपाठी ने बताया की आज हम सब बेहद भारी मन से यहाँ श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट हरिद्धार के ट्रस्टी एवं शांति कुन्ज, हरिद्धार के पूर्व व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्रा की शोक सभा में एकत्रित हुए हैं। उनका इस तरह अचानक चले जाना हम सभी के लिए एक अत्यंत गहरा और असहनीय आघात है। उन्होंने कहा की शिवप्रसाद मिश्रा का जीवन सादगी, सच्चाई और परोपकार की एक जीती-जागती मिसाल था। वे समाज में हर व्यक्ति के सुख-दुख में हमेशा आगे रहते थे।
सहायक प्रबंध ट्रस्टी राम चंद्र शुक्ल ने कहा की आज हमारे बीच में शांतिकुंज के प्रखर वक्ता, कर्मकांडी, उर्जामान व्यक्तित्व के धनी शिवप्रसाद मिश्रा जी के शरीर का अंत हो गया | वो बहुत ही कर्मठी कार्यकर्ता थे गुरुदेव की प्रेरणा तथा परिवार, विशेषकर माताजी की सहर्ष सहमति से वे वर्ष 1972 में अपनी धर्मपत्नी सहित जीवनदानी कार्यकर्ता के रूप में शांतिकुंज आए। तब से लेकर अंतिम समय तक उन्होंने शांतिकुंज में विभिन्न दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए अपना संपूर्ण जीवन मिशन को समर्पित रखा।
उन्होंने कहा की संसार का यह कड़वा नियम है कि जो इस दुनिया में आया है, उसे एक दिन जाना ही है, लेकिन कुछ लोग अपने पीछे ऐसा खालीपन छोड़ जाते हैं जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
