सिकंदराबाद पावर हाउस की चरमराई विद्युत व्यवस्था
अधिकारी कुंभकर्ण की गहरी नींद में मस्त योगी सरकार के आदेशों पर सवाल,ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बरकरार,18 से 20 घंटे आपूर्ति के दावे हवा-हवाई
बिपिन कुमार
भीखमपुर-खीरी,21 जून(तरुणमित्र)। जिले की सिकंदराबाद पावर हाउस का मामला शोशल मीडिया पर छाया है प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली आपूर्ति के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। ग्रामीण इलाकों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ता परेशान हैं।
सिकंदराबाद पावर हाउस से जुड़े क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लगे पंखे और कूलर शोपीस बनकर रह गए हैं, वहीं रात की कटौती से लोगों की नींद भी प्रभावित हो रही है।
जर्जर लाइनें 30 हजार आबादी परेशान
हरी नगर फीडर की लाइन लगभग 60 किलोमीटर लंबी है और पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। रोजाना तार टूटने फेस उड़ने की घटनाएं होती हैं। 30 हजार आबादी
और 20 हजार उपभोक्ता रोज 2-4 घंटे बिजली
के लिए तरस रहे हैं गन्ना और धान की
फसल के लिए किसान रातभर खेतों में पाइप बिछाकर बिजली का इंतजार करते हैं, लेकिन मोटर नहीं चल पाती
किसान मर रहा है, किसी को फर्क नही स्थानीय किसान अवधेश कुमार ने कहा कि पूरी रात बिजली न मिलने से फसल सूख रही है चोरी और जंगली जानवरों का डर अलग है लेकिन विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। भाजपा नेता सदाशिव मिश्रा ने कहा कि विभाग कानों में तेल डालकर बैठा है,जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
ये खबर भी पढ़े : वी. एस. मेमोरियल पब्लिक स्कूल में योग दिवस पर गूंजा 'ॐ', विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साधा तन-मन-आत्मा का संतुलनक्या बोले सम्बंधित अधिकारी:- अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार पहले ही बता चुके हैं कि हरी नगर फीडर की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव शासन में लंबित है एसडीओ अभिषेक गुप्ता गर्मी और लो वोल्टेज का हवाला दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। शिकायतों के बाद भी समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकल रहा है।
अब सवाल उठ रहा है कि जब शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति के आदेश दे रखे हैं, तो आखिर धरातल पर बिजली कटौती क्यों जारी है?
जनता की मांग:- ग्रामीणों ने DM खीरी और MD UPPCL से मांग की है कि जर्जर लाइन बदली जाए और हरी नगर फीडर को पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली दी जाए। अन्यथा 50 गांव के किसान आंदोलन को बाध्य होंगे
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
