सड़क सुरक्षा में लगा इंटरसेप्टर, बीच रास्ते ढो रहा सवारियां!
परिवहन मुख्यालय से अटैच इंटरसेप्टर, बिना किसी जवाबदेही के रायबरेली की सड़कों पर दिखा
योगी सरकार सड़क सुरक्षा के बाबत कई करोड़ के फंड इस बाबत कर चुकी जारी
- लखनऊ के सस्पेंड पीटीओ के पास था ये पहले, अब सड़क सुरक्षा सेल के लोग हैं चलते
लखनऊ। सीएम योगी ने अपने शासानकाल के शुरूआती दौर से ही परिवहन विभाग से जुड़े सड़क सुरक्षा जैसे अति गंभीर मुद्द को हमेशा प्राथमिकता दी और बराबर इसको अलग अलग मदों में इससे जुड़ी गतिविधियों को पब्लिक और विभाग के बीच करने के लिये अच्छा खासा सरकारी फंड भी जारी किया जाता रहा। अभी ज्यादा दिन नहीं बीते होंगे जब राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान सभागार में बड़ी संख्या में कई करोड़ के नये नवेले और हाईटेक सुविधाओं से लैस इंटरसेप्टर परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा को दिये गये थे जिसे क्रमवार जरूरत के हिसाब से मुख्यालय के रोड सेफ्टी सेल अपर परिवहन आयुक्त की निगरानी में जनपदों और संभागों को दिया जाना था।
लेकिन दो दिन पहले से ही एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें बकायदा यह साफ तौर पर दिख रहा कि यूपी 32 नंबर का एक इंटरसेप्टर रायबरेली मार्ग पर बीच सड़क रुकता है और सवारियां उतारता है और पीछे से बैकग्राउंड आवाज भी स्पष्ट तौर पर आ रही थी। वहीं जब प्रकरण को लेकर अपर परिवहन आयुक्त रोड सेफ्टी मयंक ज्योति को मैसेज करके संपर्क की कोशिश की गयी तो उनका यही जवाब आया कि उक्त चालक को हटा दिया गया है जबकि मांगने पर भी उनके द्वारा इसका कोई आधिकारिक डिटेल नहीं दिया गया।
वहीं मुख्यालय से जुड़े सूत्रों की माने तो उक्त इंरटसेप्टर इससे पहले लखनऊ में तैनात और अब निलंबित चल रहे पीटीओ मनोज भारद्वाज को आवंटित थी, जिससे वो चलते थे। लेकिन उनके निलंबन के बाद से वो मुख्यालय पर ही अटैच कर दी गयी। हालांकि यह अभी तक पता नहीं चल सका कि आखिरी बिना मुख्यालय के अनुमति के यह इंटरसेप्टर कैसे रायबरेली की सड़कों पर पहुंचकर बिना किसी रोकटोक के बीच रास्ते सवारियां ढोती दिखी।
चर्चा तो यह भी है कि इस इंटरसेप्टर से अब सड़क सुरक्षा अभियान का काम नहीं लिया जाता बल्कि रोड सेफ्टी सेल से जुड़े कुछ तकनीकी या फिर अन्य विंग के लोग चलते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह सड़क सुरक्षा सेल से जुड़े एक इंटसेप्टर की सरेराह कारस्तानी भर है या फिर और कई ऐसे इंटरसेप्टर हैं जिनको जहां होना चाहिये और वो कहीं और फर्राटा भर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
