निघासन-खीरी,08 जुलाई(तरुणमित्र)। विधानसभा क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ से परेशान किसानों को इस बार बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से शारदा की सूतिया नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गांवों और कृषि भूमि में जलभराव की समस्या बनी रहती थी, जिससे हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती थी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
क्षेत्र के किसानों ने अपनी इस गंभीर समस्या को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह के समक्ष रखा था। किसानों ने बताया कि लगातार आने वाली बाढ़ के कारण खेती करना कठिन होता जा रहा है और हर वर्ष फसल नष्ट होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राजा राजेश्वर सिंह ने कई बार मौके का दौरा किया व मामला शासन स्तर तक पहुंचाया। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निघासन क्षेत्र की बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए स्थायी समाधान की मांग की। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा लालबोझी शारदा सूतिया क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए तिगुड़िया लगाए जाने का कार्य कराया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। पिछले वर्ष पहले की तुलना में बाढ़ का प्रभाव कम रहा और किसानों की फसलों को काफी हद तक नुकसान से बचाया जा सका।
इसी क्रम में राजा राजेश्वर सिंह के शासन स्तर पर लगातार प्रयासों के फलस्वरूप सिचाई विभाग की टीम का संयुक्त दौरा हुआ व सिंचाई विभाग ने क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के स्थायी उपायों पर तेजी से कार्य किया । लालबोझी शारदा सूतिया क्षेत्र में बांध निर्माण का कार्य अब पूर्ण कर लिया गया है। बांध को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए दोनों ओर जियो बैग लगाए गए हैं, जिससे नदी के कटान पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ बरसात के दौरान पानी के दबाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि इस परियोजना से घाघी क्षेत्र की ओर आने वाले अतिरिक्त पानी को काफी हद तक रोका जा सकेगा, जिससे बाढ़ की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी।
बांध निर्माण पूरा होने की खबर से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से वर्षों पुरानी बाढ़ की समस्या से राहत मिलेगी और उनकी कृषि तथा आजीविका पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित हो सकेगी।