मेटा अलर्ट से रायबरेली पुलिस ने 12 मिनट में 18 वर्षीय छात्र की जान बचाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के संयुक्त प्रयास से एक 18 वर्षीय छात्र की जीवनरक्षा की गई। कक्षा 12 के छात्र ने 29 मार्च 2026 को इंस्टाग्राम पर अपने जीवन को समाप्त करने का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने बताया कि दोस्ती टूटने और घर में तानों के कारण वह आत्महत्या करने जा रहा है।
सोशल मीडिया सेंटर को मेटा कंपनी द्वारा अलर्ट भेजे जाने पर पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देशानुसार रायबरेली पुलिस तुरंत कार्रवाई में लगी। थाना मिल एरिया के उपनिरीक्षक और उनके सहयोगी मात्र 12 मिनट में छात्र के घर पहुंचे। छात्र ने चूहेमार दवा निगली थी और पेट पकड़ कर दर्द में था। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे परिवार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे एडमिट कर बचाया।
ये खबर भी पढ़े : मैलानी में “शासन आपके द्वार” से गूंजा विकास,सीडीओ अभिषेक कुमार की पहल पर लगा सेवा शिविरछात्र ने पुलिस से कहा कि वह मानसिक तनाव और अवसाद के कारण यह कदम उठाने जा रहा था। पुलिस ने छात्र को काउंसलिंग दी और भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन लिया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी की यह पहल 2022 से जारी है। इस व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 28 मार्च 2026 तक 2376 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस को इस उत्कृष्ट पहल के लिए SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से सम्मानित किया जा चुका है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
