टीबी मुक्त भारत के लिए जनभागीदारी जरूरी:प्रो.राजेन्द्र प्रसाद
लखनऊ। टीबी को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। ये बातें पद्मश्री प्रो.राजेन्द्र प्रसाद ने कहा। सोमवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह के निर्देशन में एरा मेडिकल कॉलेज में विश्व क्षयरोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इसके साथ ही एक जागरूकता रैली भी निकाली गई जिसे नेशनल टीबी टास्क फोर्स के उपाध्यक्ष(वाइस चेयरपर्सन) पद्मश्री प्रो.राजेन्द्र प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस अभियान से जुड़ने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज भी लोग टीबी को लेकर डरते हैं, जबकि यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, मुंह से खून आना,सुस्ती या लगातार वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके. सिंघल ने कहा कि विश्व क्षयरोग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी टीबी का निदान होगा और उपचार शुरू होगा,मरीज को उतनी ही जल्दी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 24 मार्च को ही वैज्ञानिक रॉबर्ट कॉच ने टीबी के बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस की खोज की थी। उनकी इस खोज ने टीबी के निदान,जांच और उपचार की दिशा में नई राह खोली। कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. के.बी. गुप्ता ने कहा कि हर साल 24 मार्च को टीबी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व क्षयरोग दिवस की थीम “हाँ! हम टीबी को खत्म कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों के दम पर” है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि सरकार, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और आम लोग मिलकर काम करें तो टीबी को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
