पुलिस ने 34 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा का किया खुलासा
मलिहाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार
ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम के जरिए भेजते थे लिंक, ठगी की रकम को बैंक खातों से USDT में करते थे तब्दील
लखनऊ। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन “CYVAJRA” के तहत मलिहाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मलिहाबाद पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित चल रहे आरोपी विनय कुमार गौतम उर्फ समर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ऐप के माध्यम से आम लोगों को लालच देकर साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का मामला सामने आया है। इस गिरोह द्वारा ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने के बाद USDT डिजिटल करेंसी में परिवर्तित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ तरुण गाबा के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त उत्तरी, कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देशन में की गई।
अशोक विहार से आरोपी गिरफ्तार
थाना मलिहाबाद में दर्ज मु0अ0सं0 60/2026, धारा 318(4), 319(2), 111(2) बीएनएस एवं 66सी/66डी आईटी एक्ट के मामले में वांछित आरोपी विनय कुमार गौतम उर्फ समर की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को 12 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे अशोक विहार, आलमनगर, थाना तालकटोरा, लखनऊ से नियमानुसार गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
ऑनलाइन गेमिंग और टेलीग्राम के जरिए बनाते थे शिकार
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपीगण विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल कर लोगों को आकर्षक लिंक भेजते थे। लिंक के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के लालच दिए जाते थे और इसके बाद उन्हें साइबर धोखाधड़ी का शिकार बनाया जाता था।
ठगी से प्राप्त रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इसके बाद रकम को USDT डिजिटल करेंसी में परिवर्तित कर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN, टेलीग्राम और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल किया जाता था।
करीब 34 लाख रुपये की संगठित साइबर ठगी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने 14 और 15 मार्च 2026 को संगठित तरीके से करीब 34 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करने के बाद USDT में परिवर्तित किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया गया, उनके संबंध में अन्य राज्यों से भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इससे गिरोह की गतिविधियों के अन्य मामलों से जुड़े होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस द्वारा जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मुकदमे में मलिहाबाद पुलिस द्वारा इससे पहले सुमित कुमार, अरबाज खान और छोटू मौर्या को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब विनय कुमार गौतम उर्फ समर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस द्वारा आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संबंध में अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
आरोपी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनय कुमार गौतम उर्फ समर, पुत्र किशुनलाल, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी मकान नंबर 356/340/881, अशोक विहार, आलमनगर, थाना तालकटोरा, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी का व्यवसाय मजदूरी है।उसके खिलाफ थाना मलिहाबाद में मु0अ0सं0 60/2026, धारा 318(4), 319(2), 111(2) बीएनएस एवं 66सी/66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में पुलिस द्वारा जानकारी एवं सत्यापन किया जा रहा है।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली थाना मलिहाबाद पुलिस टीम में अ0नि0 सुरेन्द्र प्रसाद मिश्रा, का0 धनंजय कुमार शामिल रहे।
पुलिस की जनता से अपील
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अज्ञात लिंक, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म अथवा लालच देने वाले संदेशों पर विश्वास न करें। अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी, OTP, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दे और साथ ही नजदीकी थाना अथवा साइबर क्राइम थाना को भी घटना की जानकारी दे, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने और अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा सके।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
