पीजीआई ने प्रदेश के पहले हृदय प्रत्यारोपण का मनाया जश्न
— उन्नत चिकित्सा देखभाल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
लखनऊ। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण में, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान,पीजीआई ने राज्य के पहले सफल हृदय प्रत्यारोपण का जश्न मनाने के लिए एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया। यह उपलब्धि उन्नत हृदय चिकित्सा देखभाल में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देती है और प्रदेश को राष्ट्रीय प्रत्यारोपण मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करती है।
कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीवीटीएस) विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एस.के. अग्रवाल ने टीम के प्रत्येक सदस्य के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पीजीआईएमईआर की रोट्टो टीम,विशेष रूप से मिलन बांग्ला को अंगदान प्रक्रिया शुरू करने के लिए विशेष आभार व्यक्त किया,जिसके फलस्वरूप यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने उस डोनर को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की,जिनके निस्वार्थ कार्य ने कई अंग प्राप्तकर्ताओं को नया जीवन दिया।
पीजीआई के निदेशक प्रो आरके.धीमन ने कहा कुछ वर्ष पहले देखा गया हृदय प्रत्यारोपण का सपना अब साकार हो चुका है,और यह सफलता केवल एक नैदानिक उपलब्धि नहीं है,बल्कि विश्वास, दृढ़ता और सामूहिक उत्कृष्टता का प्रतिबिंब है। उन्होंने पीजीआई के चतुर्थक देखभाल केंद्र के रूप में विकसित होने के दृष्टिकोण को दोहराया,जिसमें हृदय और फेफड़े का प्रत्यारोपण भविष्य के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने संस्थान को बधाई देते हुए प्रत्यारोपण को एक अत्यंत जटिल, लेकिन त्रुटिहीन रूप से निष्पादित जीवन रक्षक प्रक्रिया बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी उपलब्धियां चतुर्थक चिकित्सा की दिशा में एक स्वाभाविक प्रगति का प्रतिनिधित्व करती हैं, जहां उन्नत नैदानिक विशेषज्ञता को सशक्त प्रशासनिक सहयोग द्वारा मजबूत किया जाता है, जिससे राज्य के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में बदलाव आता है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने पीजीआई टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नैदानिक उत्कृष्टता, टीम वर्क और उत्तर प्रदेश के तेजी से मजबूत हो रहे स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बहु-अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और सभी रोगियों के लिए सुलभ,उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल सुनिश्चित करने के लिए इष्टतम संसाधन नियोजन के महत्व पर जोर दिया।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
