जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला
संत कबीर नगर, बीमा करने के उपरांत दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का मरम्मत व्यय न देना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए मरम्मत व्यय की रकम रुपए 10 लाख 13 हजार 303 दस प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ मुकदमा खर्च व क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करना पड़ेगा। मामला घनघटा थानाक्षेत्र के सिरसी गांव का है।
घनघटा थानाक्षेत्र के सिरसी गांव निवासी कपीश चंद्र राय ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा कि उनके ट्रक का बीमा द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से हुआ है, जिसकी आईडीवी वैल्यू 32 लाख रुपए है। दिनांक 6 जून 2019 को ट्रक चालक बिहार से बालू लादकर खलीलाबाद आ रहा था। दिनांक 8 जून को रात्रि में देवरिया जिले के बहादुरपुर खुखुन्दू के पास नीलगाय को बचाने के चक्कर में ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई, जिससे वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने खुखुन्दू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया और बीमा कंपनी को सूचना देने और उनके कहे अनुसार टाटा मोटर्स सर्विस सेंटर, गोरखपुर भिजवाया। ट्रक के मरम्मत में रुपए 10 लाख 13 हजार 303 व्यय हुआ। बीमा कंपनी से बार बार अनुरोध करने पर सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा, परंतु भुगतान नही किया गया। थक हार कर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय की शरण में आना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के दलीलों को सुनने के उपरांत मरम्मत व्यय की धनराशि रुपए 10 लाख 13 हजार 303 दस प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मुकदमा खर्च व क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करना पड़ेगा
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।