यूपी में अब 8 कमरों तक का होम-स्टे,ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बीएंडबी और होम-स्टे नीति-2025 में संशोधन
भवन स्वामी 16 शैय्या तक पर्यटकों को दे सकेंगे किराए पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम-स्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के अधिकतम 8 कमरे यानी 16 शैय्या तक पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे। पहले यह सीमा अधिकतम 6 कमरे और 12 शैय्या थी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश में ठहरने, स्थानीय भोजन और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही अधिक से अधिक भवन स्वामियों को होम-स्टे योजना से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
संशोधित एसओपी के अनुसार, योजना के तहत भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के कम से कम एक और अधिकतम आठ कमरों को किराए पर दे सकेंगे। इन कमरों में अधिकतम 16 शैय्या की व्यवस्था की जा सकेगी। रूरल होम-स्टे में स्नानागार, शौचालय, पानी, बिजली और सामान्य फर्नीचर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था नगर निगम की सीमा से बाहर आने वाली इकाइयों के लिए लागू होगी। यानी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पात्र आवासीय इकाइयां इस श्रेणी में आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया में पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार चरित्र संबंधी स्व-प्रमाणन की व्यवस्था भी की गई है।
6 से बढ़ाकर 8 हुई कमरों की सीमा
सरकार ने पहले भवन स्वामियों को अधिकतम 6 कमरे (12 शैय्या) तक किराए पर देने की अनुमति दी थी। संशोधन के बाद अब यह सीमा बढ़ाकर 8 कमरे (16 शैय्या) कर दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में आवासीय इकाइयों के होम-स्टे के रूप में विकसित होने का रास्ता साफ होगा।जयवीर सिंह ने कहा कि एसओपी में किए गए संशोधन से अधिक से अधिक भवन स्वामी बीएंडबी एवं होम-स्टे योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे एक ओर भवन स्वामियों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
