लखनऊ।सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान,सीएसआईआर-एनबीआरआई,में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का आयोजन के.एन.कौल ब्लॉक स्थित लोटस सभागार में किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात वैज्ञानिक एवं उद्योग विशेषज्ञ डॉ.आश्विन काशिकर, जनरल मैनेजर (आर एंड डी),अंकुर सीड्स प्रा.लि.,नागपुर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। सीएसआईआर-एनबीआरआई के निदेशक डॉ.ए.के. शासनी ने कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाजहित में पादप विज्ञान अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर-एनबीआरआई की प्रतिबद्धता को दोहराया। डॉ.आश्विन काशिकर ने जीनोमिक चयन,स्पीड ब्रीडिंग तथा एआई आधारित हाई-थ्रूपुट फीनोटाइपिंग जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों के बारे में जानकारी दी,जो फसल सुधार कार्यक्रमों को तीव्र गति प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कैस आधारित जीन संपादन,जीन टार्गेटिंग, प्राइम एडिटिंग एवं सिंथेटिक बायोलॉजी जैसी तकनीकों के माध्यम से पोषण गुणवत्ता,रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं सतत कृषि उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। डॉ.आश्विन काशिकर ने सीएसआईआर-एनबीआरआई द्वारा विकसित गुलाबी सुंडी (पिंक बॉलवर्म) प्रतिरोधी जीएम कपास के चल रहे परीक्षणों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यह अनुसंधान टिकाऊ एवं प्रभावी कीट-प्रतिरोधी कपास किस्मों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है।
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।