तहसील परिसर में मुस्लिम अधिवक्ता ने कराया बड़े मंगल का विशाल भंडारा
गंगा-जमुनी तहजीब की बनी मिसाल
मोहम्मद अय्यूब
उतरौला(बलरामपुर )। ज्येष्ठ माह के पावन बड़े मंगल पर तहसील परिसर उतरौला में आयोजित विशाल भंडारे ने सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की। इस भंडारे की विशेष बात यह रही कि इसका आयोजन मुस्लिम महिला अधिवक्ता आयशा फैजान खान ने कराया। उन्होंने प्रभु श्रीराम और संकटमोचन बजरंगबली के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए श्रद्धापूर्वक भंडारे का आयोजन किया।
अधिवक्ताओं से लेकर फरियादियों तक ने किया प्रसाद ग्रहण
मंगलवार को तहसील परिसर में दोपहर से शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चला। इसमें अधिवक्ताओं, फरियादियों, तहसील कर्मियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आने वाले सभी लोगों का स्वागत कर उन्हें प्रसाद वितरित किया गया।
धर्म जोड़ता है, बांटता नहीं
आयोजक अधिवक्ता आयशा फैजान खान ने कहा कि धर्म लोगों को जोड़ने का माध्यम है, बांटने का नहीं। बड़े मंगल का पर्व सेवा, दान और मानवता का संदेश देता है। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने यह आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली त्याग, सेवा, निष्ठा और मानव कल्याण के प्रतीक हैं। उनके आदर्श सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
बजरंगबली के जयकारों के साथ गूंजा भाईचारा
भंडारे के दौरान तहसील परिसर में आस्था और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। एक ओर बजरंगबली के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं दूसरी ओर विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश दे रहे थे।
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तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे आयोजन समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। आमतौर पर बड़े मंगल पर हिंदू संगठनों और धार्मिक संस्थाओं द्वारा भंडारे होते हैं, लेकिन एक मुस्लिम महिला अधिवक्ता द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ कराया गया भंडारा अपने आप में विशिष्ट और प्रेरणादायक उदाहरण है।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सद्भाव का प्रतीक बताया। सभी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, विश्वास और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं।
मानवता की कोई सीमा नहीं
बड़े मंगल का यह आयोजन यह संदेश दे गया कि आस्था, सेवा और मानवता किसी एक धर्म या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं होती। यह सभी को जोड़ने और समाज में प्रेम व भाईचारे की भावना को सशक्त बनाने का माध्यम है। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव, महामंत्री रवि मिश्रा,प्रमोद सोनी, निजामुद्दीन अंसारी, आरिफ खान, अजित यादव, राकेश श्रीवास्तव, आशीष कशौधन, राधेश्याम यादव, राम सुभाष वर्मा, धर्मराज यादव, श्वेता सिंह, अमित कुमार श्रीवास्तव, आलोक गुप्ता, मारूति नंदन, प्रमोद सोनी, समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
