काले पानी की शिकायत पर पहुंची नगर निगम टीम
सोसायटी में जांच के बाद लौटी टीम, शिकायतकर्ता गौरव बंसल से नहीं किया संपर्क
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में काले और गंदे पानी की शिकायत को लेकर मंगलवार को एक नया घटनाक्रम सामने आया। आरडब्ल्यूए फेडरेशन के मीडिया प्रभारी गौरव बंसल ने काले पानी की शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय और नगर निगम की संभव जनसुनवाई में दर्ज कराई। शिकायत के बाद अपर नगर आयुक्त तथा जलकल विभाग के प्रबंधक केपी आनंद ने गौरव बंसल से कहा कि वे सोसायटी में जाएं, नगर निगम की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
गौरव बंसल शिकायत के बाद तत्काल सोसायटी पहुंच गए और नगर निगम की टीम का इंतजार करते रहे। करीब पांच घंटे बाद उन्होंने सोसायटी के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्डों से टीम के आने के संबंध में जानकारी ली। गार्डों ने बताया कि जलकल विभाग की टीम के दो कर्मचारी सोसायटी में आए थे और मैनेजर राहुल त्यागी के साथ एक-दो स्थानों पर पानी की जांच करके चले गए।
हालांकि, गौरव बंसल का कहना है कि नगर निगम की टीम ने शिकायतकर्ता से कोई संपर्क नहीं किया और न ही मौके पर की गई जांच की जानकारी उन्हें दी गई।
इस मामले में जब जेई पूजा राय से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में नगर निगम की पानी की सप्लाई नहीं है, इसलिए विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के कहने पर ही टीम भेजी गई थी।
आरडब्ल्यूए फेडरेशन के मीडिया प्रभारी गौरव बंसल ने सवाल उठाया कि यदि सोसायटी के अंदर नगर निगम का बोरवेल लगा हुआ है और उसी से पानी की सप्लाई की जा रही है, तो फिर पानी की गुणवत्ता और उससे संबंधित शिकायतों की जिम्मेदारी किसकी है?
उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा सोसायटी के निवासियों से भारी-भरकम हाउस टैक्स लिया जाता है, जिसमें वाटर टैक्स भी शामिल है। ऐसे में पानी की समस्या सामने आने पर जिम्मेदारी से बचने की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
गौरव बंसल ने कहा कि सोसायटी में लगातार काले और गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे पहले भी पानी के सैंपल लिए गए थे और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी को पीने योग्य नहीं बताए जाने का दावा किया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर पानी के सैंपल की जांच, बोरवेल और पानी की टंकियों की स्थिति तथा सप्लाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
आरडब्ल्यूए फेडरेशन के मीडिया प्रभारी गौरव बंसल ने कहा कि यदि पानी की समस्या और शिकायतों को लेकर संबंधित विभागों द्वारा जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आरडब्ल्यूए फेडरेशन जिलाधिकारी कार्यालय और नगर निगम कार्यालय पर धरना देगी।
उन्होंने कहा कि लोगों को पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार विभागों को एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
