बुढ़ाना के निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत
चर्चित हॉस्पिटल कई बार नाम भी चेंज हो चुके हैं और चिकित्सा विभाग द्वारा अस्पताल को कई बार सील भी किया जा चुका
प्रेम कुमार श्रीवास्तव
मुजफ्फरनगर। जनपद की बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र स्थित एक चर्चित निजी अस्पताल में देर रात डिलीवरी के दौरान जच्चा और नवजात की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई निजी अस्पतालों में कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण मरीजों की जान जा चुकी है। आरोप है कि हर घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच कर संबंधित अस्पताल को सीज कर देता है, लेकिन कुछ समय बाद अस्पताल की सील कब और कैसे खुल जाती है, इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं मिलती।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण के चलते झोलाछाप डॉक्टर बड़े-बड़े अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। कस्बे के युवाओं द्वारा इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री तक शिकायत भी भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है। फिलहाल मामले की जांच की मांग उठ रही है और परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
