बाराबंकी में आयोजित हुई मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’
फेक न्यूज और फैक्ट-चेकिंग पर पत्रकारों को दी गई व्यावहारिक जानकारी
मनोज शर्मा
- पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कहा-किसान की आय, सुरक्षा, सिंचाई और बाजार तक पहुंच मजबूत करना कृषि नीति का प्रमुख उद्देश्य
- PIB निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा-फेक न्यूज एक वायरस की तरह, इसे फैलने से रोकना जरूरी
- जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा-ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों के बीच फेक न्यूज को लेकर जागरूकता फैलाना PIB की सराहनीय पहल
बाराबंकी। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (PIB), लखनऊ द्वारा बाराबंकी के पत्रकारों के लिए मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन आज लोक-सभागार, कलेक्ट्रेट, बाराबंकी में किया गया। कार्यशाला में फेक न्यूज एवं भ्रामक सूचनाओं की पहचान, फैक्ट-चेकिंग तथा डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग के साथ केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में किसान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार की कृषि नीति का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसान की आय, सुरक्षा, सिंचाई, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीक तक उसकी पहुंच को मजबूत करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उल्लेख करते हुए इनके उद्देश्यों की जानकारी दी।
PIB लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि फेक न्यूज एक वायरस की तरह है, जो तेजी से फैलती है और समाज को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक है और फेक न्यूज को फैलने से रोकने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, आईएएस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों के बीच फेक न्यूज के संबंध में जागरूकता फैलाने की PIB की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ‘वार्तालाप’ जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि पत्रकारों को बदलते डिजिटल परिदृश्य के अनुरूप आवश्यक जानकारी और कौशल मिल सके। लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने पत्रकारों को वायरल फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता जांचने, स्रोतों की पुष्टि करने तथा विभिन्न डिजिटल टूल्स के माध्यम से फैक्ट-चेकिंग के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि पत्रकार केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यपरक एवं विश्वसनीय जानकारी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ करने पर रहता है। पत्रकार स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं को अपनी खबरों के माध्यम से आम जनमानस तक पहुंचाते हैं और व्यवस्थाओं में रह जाने वाली कमियों को भी सामने लाते हैं, जिससे उनमें सुधार किया जा सके। कार्यशाला में पत्रकारों को केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों से संबंधित तथ्यात्मक और प्रमाणित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
