8 करोड़ की निवेश ठगी का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार, फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को लगाया करोड़ों का चूना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने विभिन्न राज्यों में फर्जी निवेश कंपनियां बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर निवेशकों को कई गुना मुनाफे का झांसा देकर करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुणाल मेहता निवासी मीरा रोड ईस्ट, थाना काशीमीरा, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। उसे 27 जून को पुणे स्थित 'द कलेक्शन बिल्डिंग' से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक मोटोरोला मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
जांच में सामने आया कि आरोपी के.ए.पी. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और के.ए.पी. कंसल्टेंसी सर्विसेज के नाम से कंपनियां संचालित करता था। इन कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश पर कई गुना मुनाफे का लालच दिया जाता था। शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें कुछ समय तक रिटर्न भी दिया जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद उनसे ठगी की जाती थी।
एसटीएफ को काफी समय से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सुधांशु शेखर के निर्देशन में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ टीम पुणे पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, कुणाल मेहता के खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने सहित हरियाणा के फरीदाबाद में भी धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के संबंध में जांच जारी है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
