महुआ बाजार: 18 घंटे बिजली के दावे फेल, रात में ट्रिपिंग से परेशान ग्राम वासी
मोहम्मद अय्यूब
उतरौला (बलरामपुर )। विद्युत उप खंड उतरौला के मिश्रौलिया फीडर से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग बेहाल हैं। दिन भर खेतों में काम करने के बाद रात में भी लोगों को ठीक से नींद नहीं मिल पा रही। शाम होते ही ट्रिपिंग का खेल शुरू हो जाता है और दो-चार बार ट्रिप होने के बाद घंटों तक रोस्टर के नाम पर कटौती कर दी जाती है।
जर्जर तारों के सहारे हो रही आपूर्ति
ग्रामीणों ने बताया कि पुरानी एचटी लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। सरकार ने तार बदलने के लिए धन भी दिया था, लेकिन आज भी उन्हीं तारों से आपूर्ति की जा रही है। बभनी बुर्जुग, अर्जुन देवरिया, तिलखी बढ़या, नगरिया में एचटी लाइन किसानों के खेतों में झूलती नजर आ रही हैं। इससे गेहूं की कटाई और जुताई में दिक्कत होती है। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन विभाग ने अब तक तार नहीं बदले।
ये खबर भी पढ़े : युवक ने महिला की हत्या करके 15 साल पहले हुए अपने पिता के अपमान का बदला लिया, दो गिरफ्तारगोपाल चौधरी, अर्जुन भारती और दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे निर्बाध बिजली देने की बात करते हैं, लेकिन यहां जिम्मेदार उनके आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं।
रात में कटौती से बढ़ी दिक्कत
विनोद कुमार और धर्म प्रकाश भारती ने बताया कि दिन भर खेतों में रोपाई करते हैं। शाम को आराम का समय होता है तो बिजली नहीं रहती। मध्य रात्रि तक ठीक से आपूर्ति नहीं मिलती। ग्रामीणों का कहना है कि बिल जमा न करने पर विभाग तुरंत कनेक्शन काट देता है, तो समय पर भुगतान करने के बाद निर्बाध आपूर्ति क्यों नहीं मिलती।
घेराव की चेतावनी
राम मूरत, अब्दुल मन्नान, आनंद मणि और नूर मोहम्मद समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आपूर्ति जल्द ठीक की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान, महिलाएं और बच्चे बिजली विभाग का घेराव करने को मजबूर होंगे।
SDO का बयान
इस संबंध में एसडीओ गजेंद्र सिंह ने बताया कि रोस्टर के अनुसार कटौती की जा रही है। कहीं कोई कमी है तो उसे सुधारा जा रहा है। विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि लोगों को बेहतर सेवा मिल सके।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
