जल जीवन मिशन के प्रभाव मूल्यांकन हेतु लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम ने किया ग्राम पंचायतों का भ्रमण
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से आमजन के जीवन पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में ली जानकारी
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से आमजन के जीवन पर पड़ रहे प्रभाव के मूल्यांकन के उद्देश्य से आज समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा जनपद के ग्राम पंचायत अमरहट एवं बनियापार का भ्रमण किया गया।
भ्रमण के दौरान टीम ने जल निगम, जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) तथा कार्यदायी संस्था एम.एल.सी. इंफ्रा के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति, पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता तथा ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
टीम ने प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम पानी समिति के सदस्यों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, जलसखियों तथा ग्रामीण नागरिकों से संवाद स्थापित कर मिशन के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही नियमित जलापूर्ति, पेयजल की गुणवत्ता, संचालन एवं रखरखाव व्यवस्था तथा ग्रामीणों की संतुष्टि से संबंधित फीडबैक भी संकलित किया गया।
मूल्यांकन दल द्वारा प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर जल जीवन मिशन के प्रभाव का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक सुझाव तैयार किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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लेखक के बारे में
आनन्द कुमार मिश्र मऊ जनपद के जाने - माने पत्रकार हैं। आनन्द कुमार को पत्रकारिता का 10 सालों का अनुभव है, यह कई मीडिया संस्थानों अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में तरुणमित्र के मऊ जनपद के ब्यूरो प्रमुख के रुप में कार्यरत हैं।
