झिझक छोड़ सेहत की ओर कदम, 1,543 किशोरियों की हुई जांच
मिलान संस्था के सहयोग से चित्तौरा ब्लॉक में ‘किशोर स्वास्थ्य कल्याण दिवस’ का आयोजन
अरुण अग्रवाल
- एनीमिया जांच के साथ बांटी गईं आईएफए की गोलियां और सेनेटरी पैड,
- स्वास्थ्य व पोषण संबंधी दी गई जानकारी
बहराइच। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और मिलान संस्था के संयुक्त सहयोग से चित्तौरा ब्लॉक के 20 उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘किशोर स्वास्थ्य कल्याण दिवस’ का आयोजन किया गया। विशेष शिविरों में किशोरियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान कुल 1,543 किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक दवाएं, सेनेटरी पैड तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि शिविरों में स्वास्थ्य कर्मियों और मिलान संस्था की टीम ने किशोरियों की लंबाई और वजन मापकर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का आकलन किया। एनीमिया की रोकथाम के लिए हीमोग्लोबिन की जांच की गई और किशोरियों को आयरन एवं फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां वितरित की गईं। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस उम्र में सही पोषण और नियमित स्वास्थ्य निगरानी से भविष्य में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक किशोरी तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
आरकेएसके के जिला सलाहकार राकेश गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को झिझक छोड़कर अपने स्वास्थ्य, पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित करना है। 1,543 किशोरियों की सहभागिता यह दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 24 सितंबर को जनपद के अन्य विकास खंडों के उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इसी तरह के विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
दामोदर जोत उप-स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित शिविर में मिलान संस्था की प्रतिनिधि इपशा ने किशोरियों के साथ मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मासिक धर्म एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी प्रकार का संकोच या शर्म नहीं होनी चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए साफ और सुरक्षित मासिक धर्म उत्पादों का उपयोग करने तथा सेनेटरी पैड को नियमित अंतराल पर बदलने की जानकारी दी गई। साथ ही इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित निस्तारण, व्यक्तिगत स्वच्छता और हरी पत्तेदार सब्जियों सहित आयरन युक्त आहार के सेवन के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर मिलान संस्था से श्रुति सहित संबंधित क्षेत्रों की एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और बड़ी संख्या में किशोरियां मौजूद रहीं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
