सत्य निकेतन हादसा: MCD के 5 अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित

Published By Mahi Khan
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नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिणी क्षेत्र के उपायुक्त समेत भवन विभाग से जुड़े पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबित अधिकारियों में उपायुक्त, अधीक्षक अभियंता (भवन), अधिशासी अभियंता (भवन), सहायक अभियंता (भवन) और कनिष्ठ अभियंता (भवन) शामिल हैं।

दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने सोमवार को हादसे पर संज्ञान लेते हुए निगम की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन की घटना बेहद गंभीर और दुखद है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की मजिस्ट्रेट जांच भी चल रही है।

महापौर ने बताया कि हादसे के समय संबंधित भवन खतरनाक श्रेणी में चिह्नित नहीं था, लेकिन भवन मालिक की ओर से बेसमेंट में कार्य किया जा रहा था।

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उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने घरों या व्यावसायिक परिसरों में भवन की मूल संरचना के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।

पिलर, बीम, कॉलम, स्लैब अथवा अन्य संरचनात्मक हिस्सों में बिना विशेषज्ञ सलाह और नियमानुसार अनुमति के बदलाव करना जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

महापौर ने स्पष्ट किया कि भवन उप-नियमों का उल्लंघन करने अथवा चार मंजिल से अधिक भवन का निर्माण किए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण या अन्य गतिविधियां सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन हादसे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक नए दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले भवनों के लिए संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किए जाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

महापौर के अनुसार, इसका उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण भवन पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार अथवा अन्य प्रतिकूल प्रभावों का समय रहते आकलन करना और दुर्घटनाओं को रोकना है।

दिल्ली नगर निगम के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में निर्माणाधीन और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सभी निर्माण स्थलों पर भवन मालिक और बिल्डर को स्वीकृत भवन योजना के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों और उपायों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

महापौर ने बताया कि निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को खतरनाक और जर्जर भवनों का ताजा सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों से ऐसे भवनों की पहचान करने को कहा गया है, जिनसे नागरिकों के जीवन और संपत्ति को खतरा हो सकता है। चिन्हित भवनों की स्थिति का गंभीरता से आकलन कर दिल्ली नगर निगम अधिनियम और अन्य लागू नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल हादसा होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं की पहचान कर उन्हें पहले ही रोकना है। इसके लिए भवनों की निगरानी, अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और जर्जर भवनों की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है।

महापौर ने कहा कि भवन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भवन निर्माण और सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम नागरिकों की सुरक्षा एवं जनहित से जुड़े मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

सत्य निकेतन जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगम प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी।

 

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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।

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