दिल्ली में महिला पत्रकारों से कथित मारपीट के मामले में पत्रकारों में आक्रोश
राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
मनोज शर्मा, बाराबंकी संवाददाता
बाराबंकी। दिल्ली में दो महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीशा खान के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित मारपीट के मामले में राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत व अन्य तमाम पत्रकार साथियों ने कड़ा विरोध जताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।
संघ की महिला विंग जिलाध्यक्ष राम दुलारी पटेल और जिलाध्यक्ष पीयूष वर्मा के कुशल नेतृत्व में एडवोकेट एस.डी. शर्मा, हाईकोर्ट लखनऊ एवं निदेशक समाज सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के माध्यम से जिलाधिकारी बाराबंकी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
ज्ञापन के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को "4 पीएम न्यूज नेटवर्क" की पत्रकार शाहीन खान और नफीशा खान दिल्ली के साकेत क्षेत्र में एक कार्यक्रम को कवर करने पहुंची थीं। आरोप है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कथित "साइकिल घोटाले" को लेकर सवाल पूछने के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों पत्रकारों को हिरासत में लेकर साकेत थाने में कथित रूप से मारपीट की। राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की किसी हाईकोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिला पत्रकारों को न्याय दिलाया जाए।
इस दौरान महामंत्री अर्जुन यादव अखिलेश कुमार पवन श्रीवास्तव, देवेंद्र नाथ मिश्रा बलवंत सिंह यादव उमेश श्रीवास्तव मोहम्मद रज़ी सिद्धिकी सतीश कुमार सरफराज सतीश कश्यप राहुल त्रिपाठी देवेंद्र सिंह नवनीत तिवारी दिग्विजय सिंह , रीता देवी रामपाल मौर्या कृष्णानंद विवेक कुमार शीलम कुमारी राज बहादुर महंत अखिलेश दास संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
