अंबेडकरनगर में अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
बंद गेट खोलने और जलभराव की समस्या दूर कराने की मांग
प्रशासनिक न्यायमूर्ति से शीघ्र समाधान की अपील
अम्बेडकरनगर। जनपद न्यायालय एवं तहसील परिसर से जुड़ी अधिवक्ताओं और वादकारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बार एसोसिएशन अम्बेडकरनगर ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर एवं तहसील अकबरपुर के मध्य पूर्वी दीवार में बंद किए गए गेट को पुनः खोले जाने की मांग की गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बंद किया गया यह गेट लंबे समय से बंद है। मुख्य गेट से तहसील परिसर की दूरी लगभग 300 मीटर होने के कारण अधिवक्ताओं और वादकारियों को अनावश्यक रूप से अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे विशेष रूप से वृद्ध एवं महिला अधिवक्ताओं तथा बुजुर्ग वादकारियों को परेशानी होती है।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं के बैठने के स्थान पर जलभराव एवं जल निकासी की समस्या का भी मुद्दा उठाया गया। ज्ञापन में बताया गया कि अधिवक्ताओं के बैठने वाले स्थान पर बरसात का पानी भर जाता है और उचित नाली की व्यवस्था न होने से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को पानी और कीचड़ से होकर न्यायालय तक जाना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) न्यायालय को जनपद मुख्यालय अम्बेडकरनगर में स्थानांतरित एवं स्थापित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। वर्तमान व्यवस्था के कारण अम्बेडकरनगर के वादकारियों और अधिवक्ताओं को अयोध्या जनपद तक जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है तथा मुकदमों की प्रभावी पैरवी में भी कठिनाई आती है।
संयुक्त मंत्री पूजा वर्मा ने कहा कि जनपद अम्बेडकरनगर के मुख्यालय से संबंधित न्यायिक कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को बड़ी राहत मिलेगी और न्यायिक कार्य भी अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।
कार्यक्रम में सम्मिलित बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, सचिव अनिल वर्मा, कल्याण समिति अध्यक्ष आनंद सिंह, पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव , पूर्व अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, पूर्व मंत्री विशाल कुमार सिंह, पूर्व मंत्री अरविंद त्रिपाठी,मनोज पाण्डेय, चन्द्रभाल पाण्डेय, संयुक्त मंत्री पूजा वर्मा, विकास सिंह, अनंत सिंह, दीपक मिश्र, नरोत्तम प्रसाद गुप्ता, चिदानंद पाण्डेय, उत्कर्ष उपाध्याय, संदीप यादव, संतोष यादव, पंकज पांडेय, प्रभात मिश्र, सर्वेश पाण्डेय पूर्व मंत्री अधिवक्ता कल्याण समिति, विवेक सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष राज्यवर्धन पाण्डेय, पूर्व उपाध्यक्ष फतेह बहादुर सिंह,पूर्व कार्यकारिणी सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह, पंकज गोस्वामी,परशुराम वर्मा एवं सूरज अहलादे एडवोकेट सहित कार्यालय लिपिक सतीश दूबे,प्रिंस तिवारी, मनोज कुमार एवं अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति से तीनों समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान कराए जाने की मांग की है।
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