सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के सम्मान में विदाई समारोह,अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट
मोहम्मद अय्यूब
उतरौला (बलरामपुर)। रविवार को बीआरसी परिसर उतरौला में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बीईओ सुनीता वर्मा व मुख्य आयोजक ब्रजेश चौधरी द्वारा सेवानिवृत शिक्षक मकसूद अहमद, तजम्मुल हसन, दिनेश श्रीवास्तव, सुप्यारी देवी, राधा गुप्ता, गिरजा शंकर गुप्ता, छेदीराम जायसवाल, रोबीन सिद्दीकी, राम रंग वर्मा, शेषराम, राम जियावन मिश्रा, राम कुबेर मिश्रा, आदित्यनाथ मिश्र, अली हैदर रिजवी समेत वर्तमान एवं पूर्व में सेवानिवृत हुए शिक्षकों को अंगवस्त्र, छाता, एवं धार्मिक पुस्तक देकर भावपूर्ण विदाई दी गई।
मुख्य अतिथि बीईओ सुनीता वर्मा ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को लम्बी अवधि तक सेवा देने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में योगदान और सेवानिवृत्ति होता ही है। हम सभी की ईश्वर से कामना है कि ये अब अपने घर परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें। शिक्षकों का जीवन ही सेवा के लिए होता है। शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं हो सकते है, हां जवाबदेही बदल सकती है।
मुख्य आयोजक ब्रजेश चौधरी ने कहा कि द्रोणाचार्य महान गुरु थे क्योंकि अर्जुन जैसा उनका शिष्य था। सेवानिवृत्त हुए सभी शिक्षक सादगी के प्रतीक है। इनके कार्य अनुकरणीय है। हम सभी को इनसे प्रेरण लेनी चाहिए। कहा कि नौकरी में योगदान और सेवानिवृत्ति होती ही है, लेकिन वे जहां भी रहेंगे, ज्ञान का प्रकाश फैलाते रहेंगे।
ये खबर भी पढ़े : विश्व पर्यावरण दिवस पर लक्ष्य के अनुरूप हो पौधारोपण, संरक्षण पर भी दें विशेष ध्यान: कृष्णा पासवानकार्यक्रम कासंचालन शिक्षक रत्नदीप श्रीवास्तव व एआरपी जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने किया। निधि शर्मा, विक्रम सिंह, आमिर आमरी, शबीह अहमद, मुन्ना बाबू, विजय सोनकर, हामिद चौधरी, श्याम लाल, कृष्ण कुमार, आलोक श्रीवास्तव समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
