नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में बेचने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, चार गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नाबालिग बालिकाओं को शादी के नाम पर राजस्थान में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों और 1 बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 12 मई को तब सामने आया जब ग्राम गनियार, थाना मोहनलालगंज निवासी कमलेशा पत्नी मुरली ने सूचना दी कि उनकी दो नाबालिग नातिनें (उम्र 16 एवं 12 वर्ष) उनके पास रह रही थीं, जिन्हें एक रिश्तेदार बाल अपचारी ने अपने साथी प्रिया पटेल निवासी भदोखर, रायबरेली के साथ मिलकर बहला-फुसलाकर अज्ञात स्थान पर ले गया है।
सूचना पर थाना मोहनलालगंज में मु0अ0सं0-175/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) द्वारा 4 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिनमें एक टीम को सादे वस्त्रों में भी लगाया गया।
ये खबर भी पढ़े : टीजीटी परीक्षा के दृष्टिगत परीक्षा केन्द्रों का किया गया निरीक्षण, दिये गये आवश्यक दिशा निर्देशजांच के दौरान पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और टेक्निकल व मैनुअल सर्विलांस के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बालिकाओं को आरोपी प्रिया पटेल और उसके साथियों ने ही बहला-फुसलाकर ले जाया है। मोबाइल फोन बंद होने के बावजूद पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे और 18.05.2026 को दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया।
बरामदगी के बाद बालिकाओं के बयान धारा 180/183 बीएनएसएस के तहत दर्ज किए गए, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरोह बालिकाओं को राजस्थान (कोटा) ले जाकर पैसे के बदले शादी कराने के लिए बेचने की योजना बना रहा था।इसके बाद तीन जून को पुलिस टीम ने अतरौली क्रॉसिंग के पास से 3 मुख्य आरोपियों — अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया। इनके पास से घटना में प्रयुक्त दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं।
गिरोह का तरीका
पूछताछ में आरोपी प्रिया पटेल ने बताया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2020 में राजस्थान के कोटा निवासी सोनम से एक शादी समारोह में हुई थी। वहीं से उसे यह विचार मिला कि कमजोर और गरीब परिवारों की लड़कियों को शादी के नाम पर राजस्थान में बेचकर पैसे कमाए जा सकते हैं।इसके बाद वह अपने साथी अनुराग यादव के साथ पिछले 2 वर्षों से रायबरेली में किराए के मकान में लिव-इन में रह रही थी। दोनों मिलकर मोहल्लों में ऐसी लड़कियों की तलाश करते थे जिनके माता-पिता न हों या आर्थिक रूप से कमजोर हों।गिरोह लड़कियों को घुमाने, नए कपड़े दिलाने और मां से मिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था। इसके बाद उनकी तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए राजस्थान स्थित सहयोगियों को भेजी जाती थीं, जहां सौदा तय होता था।राजस्थान के कोटा स्थित बम्बौरी क्षेत्र में सोनम और उसका पति भूपेंद्र चौधरी इन लड़कियों की शादी पैसों के बदले करवाते थे। प्रत्येक लड़की के बदले 1 से 1.5 लाख रुपये दिए जाते थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह इससे पहले भी दो बहनों को इसी तरह शादी के नाम पर बेच चुका है।
गिरफ्तार आरोपी
अनुराग यादव पुत्र देवेंद्र प्रताप यादव, निवासी रायबरेली
मोहम्मद अख्तर पुत्र मोहम्मद अयूब, निवासी रायबरेली
प्रिया पटेल उर्फ शीला, निवासी रायबरेली
एक बाल अपचारी (17 वर्ष)
बरामदगी
02 चारपहिया वाहन (घटना में प्रयुक्त)
अन्य तकनीकी साक्ष्य एवं मोबाइल डाटा
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है। राजस्थान स्थित नेटवर्क को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
