पश्चिमी यूपी में बारिश का रौद्र रूप: कई जिलों में जलभराव, सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रेम कुमार श्रीवास्तव
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय
- यूपी के छह जिले बारिश से प्रभावित
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
कई जिलों में सड़कों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूटने जैसी स्थिति बन गई है। लगातार हो रही बारिश ने कई वर्षों के रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश को देखते हुए मेरठ और मुजफ्फरनगर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर में मानसून की बारिश ने पिछले करीब पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
जिले में अब तक कुल 182.8 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश के कारण पौड़ी हाईवे पर पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बिजनौर सीमा पर भी लंबा जाम देखने को मिला।
उत्तराखंड से सोलानी नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पुरकाजी खादर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई है। मंसूरपुर के पास मोलाहेड़ी मार्ग का एक हिस्सा बह जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। शुकतीर्थ खादर क्षेत्र के पशुपालक अपने पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। हालात का जायजा लेने के लिए कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
