यूरेनियम समझौते पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने भाजपा के दावे को बताया गलत
यूरेनियम निर्यात को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
- कांग्रेस ने राजनीतिक श्रेय लेने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस ने ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम निर्यात के मुद्दे पर भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से पहले ही शुरू हो चुकी थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने अपनी पार्टी से भारत को यूरेनियम बेचने की मंजूरी हासिल कर ली थी। उन्होंने कहा कि यह फैसला वर्ष 2008 में हुए भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद लिया गया था।
दरअसल, भाजपा आईटी प्रकोष्ठ प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया था कि वर्ष 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम बेचने से इनकार कर दिया था, जबकि बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच यूरेनियम निर्यात समझौता हुआ।
कांग्रेस ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, जबकि यूरेनियम आपूर्ति को लेकर निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। पार्टी ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज कर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
