स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के श्रीमुख से दिव्य गीता सत्संग का भव्य शुभारम्भ
फ़िरोज़ाबाद, श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार, फिरोजाबाद के तत्वावधान में पालीवाल हॉल में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग समारोह के प्रथम दिवस का शुभारम्भ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान दिनेश चन्द्र अग्रवाल व श्रीमती रेखा अग्रवाल तथा विशिष्ट यजमान प्रदीप गर्ग लल्ला, गौरव गर्ग एवं कपिल गर्ग द्वारा भगवान श्री कृष्ण व राधारानी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया स्वागताध्यक्ष डॉ. जी.के. अग्रवाल, डॉ. विनय कुमार गोयल व श्रीमती गीता गोयल द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी ज्ञानानंद महाराज को पुष्प भेंटकर स्वागत किया गया, इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने प्रवचन से पूर्व गीता स्तुति पाठ एवं श्री कृष्ण कृपा अमृतवाणी का सभी साधकों को पाठ करवाया।
दीपक बंसल व श्रीमती ज्योति बंसल, मनोज गुप्ता व श्रीमती संगीता गुप्ता तथा अतुल मित्तल व श्रीमती नीता मित्तल द्वारा गीता पूजन को संपन्न कराया गया। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने प्रवचनों में श्रीमद्भगवद्गीता के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और संपूर्ण मार्गदर्शिका है।
जीवन को निराश होकर, दुखी होकर, कष्ट में जीकर, नकारात्मक सोचकर बिताना और जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करने के लिए,जीवन को सही ढंग से जीने के लिए प्रेरणा देना वाला ग्रंथ है , उन्होंने कहा गीता। मनुष्य जीवन उपहास नहीं उपकार है, ईश्वरीय कृपा का चमत्कार है। मानुषकार लिखते हैं, कि चौरासी का चक्र पूरा करने पर हमें यह जीवन मिलता है, जो हमें उच्च विचारों के साथ जीना चाहिए। अपने प्रवचन में Ai आर्टीफिशयल इंटेलीजेंस के प्रयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमें स्वयं तय करना है, कि AI का प्रयोग कितना करना है, कहीं हमारी बुद्धिमता नष्ट न हो, हमारा कौशल नष्ट न हो यह हमें ध्यान रखना है।
जीवन में जीने के लिए तीन सूत्रों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है श्रवण,मनन, चिंतन। अर्थात यदि जीवन में हम कोई भी बात सुनकर उसका चिंतन कर उसका मनन करेंगे तो जीवन हमारा श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होगा। सुंदर भजनों में सत्संग से मुख ना मोड़ों , जो तेरी रजा है। उसमें में मैं राजी,मन रे कर ले गीता पाठ सुनकर सभी श्रोता भाव विहवल हो गये।
कार्यक्रम का संचालन अजय जिंदल ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रवण बंसल, अजय अग्रवाल (ट्रांसपोर्ट), गौरव गोयल (सूतली), विपुल बंसल, प्रदीप अग्रवाल (भागवत सेवा), राकेश अग्रवाल (नवरंग), आलिन्द अग्रवाल, दीनानाथ गर्ग, गिरधारी लाल मित्तल, अशोक माहेश्वरी, शिवम अग्रवाल, संजीव कुमार जैन, रंजीत शर्मा 'एडवोकेट', प्रमोद बंसल, श्री सौरभ अग्रवाल, हिमांशू अग्रवाल 'जानू' एवं प्रमेष बंसल 'बीटू' सहित अनेक गणमान्य जनो व श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम के द्वितीय दिवस 21 सितम्बर को अपराह्न 3:30 बजे से द्वितीय दिवस का दिव्य गीता सत्संग प्रारंभ होगा।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
