ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह पर गुंडा एक्ट, छह माह के लिए जिला बदर
डीएम अभिषेक पांडेय ने की कार्रवाई, कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए जारी किया आदेश
प्रतापगढ़। रजिस्ट्री कार्यालय पट्टी में हुए हमले, फायरिंग और एमडी ड्रग्स तस्करी के आरोप में जेल भेजे जाने के बाद जमानत पर रिहा हुए ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह पर प्रशासन का शिकंजा और कस गया है। जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई करते हुए सुशील सिंह को छह माह के लिए प्रतापगढ़ जनपद की सीमा से निष्कासित कर दिया है।
जिलाधिकारी द्वारा 8 जून 2026 को पारित आदेश में कहा गया है कि सुशील सिंह के विरुद्ध विभिन्न थानों में दर्ज गंभीर आपराधिक मुकदमों, पुलिस रिपोर्टों और उनके आपराधिक इतिहास के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन का मानना है कि उनकी गतिविधियां जनशांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक की आख्या के आधार पर शुरू की गई कार्रवाई में सुशील सिंह के खिलाफ दर्ज कई मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, बलवा, आयुध अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि आरोपी के विरुद्ध लगातार आपराधिक गतिविधियों के आरोप सामने आने से आमजन में भय का वातावरण बना हुआ है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
ब्रजेश त्रिपाठी को पत्रकारिता क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन और संपादन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के व्यूरो प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।
