सीतापुर के बड़े सियासी स्तम्भ थे पूर्व विधायक रामपाल यादव
पूर्व जिपं अध्यक्ष पुत्र जितेन्द्र यादव में दिखती है स्व. श्री यादव की सियासी छबि, तीसरी पुण्यतिथि पर विशेष
सीतापुर। जनपद व सूबे ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता रहे स्व. रामपाल यादव का सियासी रसूख काफी करीब से देखा है। एक अति सामान्य परिवार से सियासत के शिखर तक पहुंचे स्व. श्री यादव जीवन पर्यन्त अपने विनम्र, मिलनसार, जुझारू, संघर्षशील व अडिग व्यक्तित्व के लिए जाने पहचाने जाते रहे।
शरीर छोंड़ने के बाद भी आमजन में आज भी कायम उनकी सहज स्वीकार्यता निसंदेह उन्हें अन्य नेताओं से अलग करने का कार्य करती है। महज 59 वर्ष की आयु में ही 29 अगस्त 2023 को पूर्व विधायक स्व. श्री यादव ने अपने जीवन की अंतिम सांस ली थी। सपा शासनकाल में अपनी मजबूत प्रशासनिक पकड़, दबंग राजनीति, सर्वसुलभ कार्यशैली और आमजन में गहरी पैठ के कारण उन्हें ‘मिनी शिवपाल’ के नाम से जाना जाता रहा। उन्होंने अपनों का संघर्ष हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े हो कर किया। यही कारण है कि उनके निधन के बाद भी समूचे जनपद में उनके चाहने वालों, समर्थकों और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की संख्या बहुतायत में है। स्व. रामपाल यादव ने किन विकट व अत्यन्त प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने युवा पुत्र जितेन्द्र यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे प्रतिष्ठापूर्ण पद पर विजयश्री दिला कर आरूढ़ कराया था, यह किसी से भी छिपा नहीं है। यह कहना कदापित अतिश्योक्ति न होगा कि उनके पुत्र जितेन्द्र यादव उनकी राजनीतिक विरासत को आज भी उतनी ही मजबूती से कायम रखने की दिशा में प्रयासरत हैं।
वर्तमान समय में पूर्व विधायक स्व. श्री यादव की धर्मपत्नी शान्ति यादव बिसवां की ब्लाक प्रमुख हैं। स्व. श्री यादव के पुत्र जितेन्द्र यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के कारण जिले के प्रत्येक कोने व प्रत्येक क्षेत्र के समीकरणों और राजनीतिक परिस्थितियों की सूक्ष्म समझ रखते हैं, यह वास्तविकता भी किसी से छिपी नहीं है। पूर्व विधायक के निकट रहे लोगों का मत है कि जितेन्द्र यादव में बखूबी वह दूरदर्शिता और जन समर्थन मौजूद है जिससे वह अपने पिता की विशाल राजनीतिक विरासत को न केवल संजो कर रख सकें बल्कि उसे नई ऊंचाइयों पर भी ले जा सकें। जिला पंचायत अध्यक्ष रहने के दौरान जितेन्द्र यादव ने सीतापुर के त्रिस्तरीय पंचायत और बुनियादी ढांचे के विकास में भी कई उल्लेखनीय कदम उठाये थे। मात्र पारिवारिक एकजुटता जनपद के इस राजनीतिक परिवार का सियासी रसूख आज भी कायम रखने में सक्षम है।
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लेखक के बारे में
30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले राम कृष्ण पांंडेय वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में सीतापुर व्यूरो प्रमुख रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘निष्पक्ष प्रतिदिन’ से की और इसके बाद लम्बे समय तक राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ रहते हुए अमर उजाला व हिंदुस्तान इत्यादि प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, सम्पादन का व्यापक अनुभव है।
