पहला सावन सोमवार: शिवालय की तैयारियां पूरी, श्रद्धा का सैलाब आज
दुःख हरण नाथ मंदिर सहित नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में अंतिम तैयारियां पूरी, सुरक्षा से सजावट तक व्यापक इंतजाम
मोहम्मद अय्यूब
- रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे शिवालय
उतरौला (बलरामपुर)। सावन माह के प्रथम सोमवार पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए रविवार को नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रमुख शिवालय पूरी तरह तैयार नजर आए। प्रसिद्ध श्री दुःख हरण नाथ मंदिर, जंगली महादेव मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में रंग-रोगन, आकर्षक विद्युत सज्जा, फूल-मालाओं से भव्य श्रृंगार तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सोमवार तड़के से ही हजारों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन, मंदिर समिति और स्वयंसेवी संगठन पूरी तरह सक्रिय हैं।
श्री दुःख हरण नाथ मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों की झालरों और धार्मिक सजावट से भक्तिमय वातावरण तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं, ताकि दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
ये खबर भी पढ़े : आईजीआरएस (IGRS) निस्तारण में प्रतापगढ़ पुलिस का उत्कृष्ट प्रदर्शन, माह जुलाई-2026 में प्रदेश में प्रथम स्थानमंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा तथा विश्राम की व्यवस्था की गई है। महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर समिति द्वारा साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रथम सावन सोमवार को उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल, पीएसी, महिला पुलिसकर्मी तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और मंदिर मार्गों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति एवं अनुशासन बनाए रखते हुए निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की है।
सावन सोमवार को लेकर नगर के बाजारों में भी धार्मिक उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, गंगाजल, फूल-माला, प्रसाद और पूजन सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिर मार्गों और प्रमुख स्थानों पर सैकड़ों अस्थायी दुकानें सज गई हैं, जहां श्रद्धालुओं की जरूरत का लगभग हर सामान उपलब्ध है।
इसके अलावा कांवड़, त्रिशूल, डमरू, रुद्राक्ष की मालाएं, भगवान शिव की प्रतिमाएं और धार्मिक झंडों की बिक्री भी तेज हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से इस बार कारोबार बेहतर रहने की उम्मीद है।
श्री दुःख हरण नाथ मंदिर के महंत मयंक गिरी ने बताया कि प्रथम सावन सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर समिति ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलाभिषेक एवं दर्शन की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाया गया है ताकि सभी भक्त बिना किसी असुविधा के भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर सकें। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करने तथा स्वच्छता एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
सावन का पहला सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। ऐसे में पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल है। मंदिरों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजने लगे हैं तथा श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पूरी श्रद्धा के साथ तैयार हैं। प्रशासन और मंदिर समितियों को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से प्रथम सावन सोमवार का पर्व शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और श्रद्धामय वातावरण में संपन्न होगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
