आग से सुरक्षा केवल संस्थानों की नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी:सुनील यादव
फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने चिकित्सा संस्थानों के अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने की अपील की
फार्मेसिस्ट फेडरेशन की ओर से फायर जागरूकता सप्ताह
लखनऊ। अस्पतालों में ऑक्सीजन,विद्युत उपकरणों,दवाओं एवं ज्वलनशील पदार्थों के कारण अग्नि दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में नियमित फायर ऑडिट,अग्निशमन उपकरणों की जांच,विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। ये बातें सुनील यादव,चीफ फार्मासिस्ट,पूर्व चेयरमैन,उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने कही।
उन्होंने बताया फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने फायर जागरूकता सप्ताह के अवसर पर चिकित्सालयों,चिकित्सा संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। फेडरेशन ने कहा कि छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक चिकित्सालय एवं संस्थान में अग्नि सुरक्षा अभ्यास, आपातकालीन निकास योजना तथा प्राथमिक अग्निशमन प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया फार्मेसिस्ट फेडरेशन सदैव जन-जागरूकता, आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान समय में आग से सुरक्षा केवल संस्थानों की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
फेडरेशन ने आमजन से अपील की है कि वे विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, गैस सिलेंडर की सावधानी, शॉर्ट सर्किट से बचाव तथा बच्चों को अग्नि सुरक्षा संबंधी जानकारी देने पर विशेष ध्यान दें।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
