गोरखपुर से निकली डग्गामार में लगी आग,ARTO प्रवर्तन लखनऊ नहीं पता लगा पाए हादसे का सही कारण
-परिवहन बोला एक्सल टूटा,पुलिस बोली टायर फटने से हुआ हादसा -रोडवेज के अवध बस अड्डे के पास भरी थी सवारी
-आरआई से एआरटीओ प्रवर्त्तन बने,नहीं पता हादसे का कारण
-आरआई का काम ही वाहनों का निरीक्षण करना
-30 यात्रियों से भरी थी बस,शहीद पथ पर हुआ हादसा
-अधिकारियों का मानना,एक्सल टूटने से हुआ हादसा
लखनऊ। शनिवार-रविवार मध्य यात्री सीएम योगी के विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर से सूरत के लिए निकली डग्गामार में देर रात अचानक आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक़ इस बस में कमता पर मौजूद अवध वस् अड्डे से सवारियां भी बैठाई थी। लगभग 30 यात्रियों से भरी बस ने जैसे ही शहीद पथ पर फर्राटा भरना शुरू किया तो बस में आग पकड़ ली। हलांकि गनीमत रही किसी यात्री को नुक्सान नहीं पहुंचा। कुछ यात्रियों का सामान जलने कि जानकारी सामने आई है।
इस मामले में परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारी का अजीब बयान सामने आया है। आरआई से प्रमोट होकर एआरटीओ अधिकारी बनकर चार्ज पाने वाले अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बस ड्राइवर और पुलिस का कहना है कि टायर फटने से हादसा हुआ। जबकि एआरटीओ प्रवर्त्तन को हादसे की सही जानकारी तक नहीं हो सकी। एआरटीओ प्रवर्त्तन का कहना है कि यह हादसा बस का एक्सल टूटने से हुआ है।
मौके पर पहुंचे परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि बस का ऐक्स्ल टूटकर सड़क से रगड़ने लगा जिससे यह हादसा हुआ है। इसके साथ ही बस का प्रदूषण भी खत्म हो चूका था। वहीं पुलिस का कहना है कि बस का टायर फटने से हादसा हुआ था।
जानकारी के मुताबिक नागालैंड के दीमापुर पंजीकृत बस संख्या एनएल 07 बी 0574 से यह हादसा रात करीब साढ़े 12 बजे मेदांता अस्पताल के सामने हुआ। पुलिस की जांच में पता चला है कि बस का पिछला टायर फट गया था। इसके बाद चिंगारी निकली और आग भड़क गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उस वक्त पूरी बस धू-धू कर जल रही थी। करीब 20 फीट ऊंची लपटें उठ रही थीं। दमकल ने 30 मिनट में आग पर काबू पाया।
उरई के रहने वाले ड्राइवर राहुल पटेल ने बताया कि शनिवार शाम 5 बजे बस लेकर गोरखपुर से निकला था। मेदांता अस्पताल के सामने पहुंचते ही बस के पिछले हिस्से से कुछ टूटने की आवाज आई। इसके तुरंत बाद आग लग गई। मैंने बस रोककर सभी यात्रियों को बाहर उतरने के लिए कहा। सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने दोनों तरफ का ट्रैफिक रोक दिया। दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
एसएफओ मबड़ चंद गूजर ने बताया कि समय रहते आग बुझा दी गई। हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हादसे के चलते हाईवे पर जाम लग गया था। ट्रैफिक पुलिस ने यातायात डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा। आग बुझने के बाद पुलिस ने क्रेन मंगवाई और बस को शहीद पथ से हटवाया। इसके बाद जाम खुल गया।
बस में सवार एक यात्री ने कहा हम लोग सो रहे थे, तभी आग लग गई। ड्राइवर चिल्लाया, तब जाकर हमारी आंख खुली। इसके बाद हम लोग बस से उतर गए। सभी यात्री सुरक्षित हैं। वहीं इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी आलोक यादव का कहना है कि बस का एक्सल टूट जाने के कारण जमीन से रगड़ खाकर टायर में आग लग गई। जिससे आग पूरी गाड़ी में पहुंच गई। सभी यात्री समय से गाड़ी से बाहर आ गए थे।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
