अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक गुरु: स्वामी मुक्तिनाथानन्द
— शिक्षक ईश्वर के समान होते हैं: स्वामी मुक्तिनाथानन्द
लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर विवेकानंद पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के स्कूल एवं कॉलेज ऑफ नर्सिंग में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों तथा अन्य अधिकारियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम, योगदान तथा विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करने का अवसर है।
स्वामी मुक्तानंद आनन्द ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से कहा कि शिक्षा विनम्रता के माध्यम से ही सही अर्थों में प्राप्त की जा सकती है। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे मार्गदर्शक, मित्र, दार्शनिक और प्रेरणास्रोत भी होते हैं। वे हमें किताबी ज्ञान से परे जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य एवं सबक सिखाते हैं। असफलता के समय वे हमें पुनः उठकर आगे बढ़ने का साहस देते हैं और भ्रम की स्थिति में सही मार्ग दिखाते हैं।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
