स्कूल में दो छात्र की मारपीट बनी मासूम की मौत का कारण
इलाज के दौरान पांचवीं के छात्र विहान ने तोड़ा दम, परिजनों के हंगामे के बाद पूरे स्कूल स्टाफ पर गिरी गाज
डीएम डॉ. अमित पाल के निर्देश पर प्रधानाध्यापक समेत छह शिक्षक निलंबित, दो शिक्षामित्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई; परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज करने की तैयारी
कौशाम्बी। जिले के चरवा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर सुधवर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्रों के बीच हुई मारपीट का मामला मासूम छात्र की मौत के बाद तूल पकड़ गया। पांचवीं कक्षा के छात्र विहान (13) की बुधवार सुबह प्रयागराज के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजन शव लेकर विद्यालय पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के पूरे शिक्षकीय स्टाफ के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक समेत छह शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि दो शिक्षामित्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें दूसरे विकास खंड से संबद्ध कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार पहाड़पुर सुधवर गांव निवासी ऑटो चालक वीरू राठौर का पुत्र विहान प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। बीते 23 जुलाई को विद्यालय में मध्याह्न अवकाश के दौरान सहपाठी शाहिल से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान शाहिल ने विहान का गला दबा दिया। स्कूल से घर लौटने के बाद भोजन करते समय विहान को सांस लेने और निगलने में दिक्कत होने लगी। पूछने पर उसने परिजनों को स्कूल में मारपीट और गला दबाने की बात बताई।
परिजन पहले उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर प्रयागराज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक आईसीयू में इलाज चलता रहा, लेकिन बुधवार सुबह करीब नौ बजे उसकी मौत हो गई।
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर सीधे विद्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण भी विद्यालय परिसर में जमा हो गए और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख विद्यालय का पूरा स्टाफ मौके से चला गया। ग्रामीणों ने विद्यालय में पढ़ रहे अन्य बच्चों को भी सुरक्षित घर भेज दिया।
सूचना मिलने पर सीओ चायल शिवांक सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम, एबीएसए हीना सिद्दीकी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
परिजनों का आरोप है कि विद्यालय में छात्रों के बीच काफी देर तक मारपीट होती रही, लेकिन शिक्षक मूकदर्शक बने रहे। यदि समय रहते बीच-बचाव किया जाता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि छात्रों के बीच हुई गंभीर मारपीट की सूचना न तो खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई और न ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसे शिक्षकीय दायित्वों में गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रधानाध्यापक योगेश सिंह, सहायक अध्यापक उमेश सिंह पटेल, मनोज कुमार मिश्र, अस्मिता श्रीवास्तव, रत्नाकर सिंह और शालिनी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं शिक्षामित्र विजय कुमार और वंदना के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें दूसरे विकास खंड में संबद्ध कर दिया गया।
विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अग्रिम आदेश तक अन्य विद्यालयों से सात शिक्षकों की अस्थायी तैनाती भी कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रहा है।
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पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
