प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान बचा सकते हैं मिट्टी और जल:विशेषज्ञ
कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा में नमामि गंगे योजना के तहत कार्यशाला
मुजाहिद खां
रामपुर:नमामि गंगे योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला गंगा समिति द्वारा कृषि विभाग के संयोजन में आयोजित कार्यशाला में किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभावों तथा प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक खेती मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।किसानों को प्राकृतिक खाद एवं जैविक कृषि पद्धतियों,उन्नत बीजों तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यशाला में जिला गंगा समिति के जिला परियोजना अधिकारी लव कुमार,कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष/प्राध्यापक डॉ. मयंक कुमार राय,विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. अनुज बंसल,देशराज सिंह एवं तेजराम सिंह सहित अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
वन विभाग की मिलक रेंज से वन दरोगा दीपा,वन रक्षक एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।अंत में किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धतियां अपनाने तथा जल एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।
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