एक्सक्लूसिव: डेंगू-मलेरिया से बचना है तो करें यह काम, जिला मलेरिया अधिकारी ने दी जरूरी सलाह
बदायूं। बरसात के मौसम में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों को लेकर विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं और जहां से भी बीमारी की सूचना मिल रही है, वहां विशेष निगरानी की जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के चलते जनपद में इस वर्ष अब तक पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे से भी कम डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से लगातार ग्रामों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सूचना मिलने वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा दवा का स्प्रे और फॉगिंग एडीओ पंचायत के माध्यम से कराई जा रही है। मलेरिया विभाग की ओर से समय-समय पर दवा उपलब्ध कराई जाती है। जिन क्षेत्रों में अधिक केस सामने आ रहे हैं, वहां मलेरिया विभाग द्वारा विशेष रूप से एंटी-लार्वा दवा का स्प्रे और फॉगिंग कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि मलेरिया विभाग के पास मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग की व्यवस्था तथा बुखार के मरीजों की RDT के माध्यम से निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
बुखार आने पर तुरंत कराएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी ने लोगों से अपील की कि बुखार आने पर सबसे पहले आशा कार्यकर्ता के माध्यम से जांच कराएं। मलेरिया की पुष्टि होने पर सरकारी स्तर पर निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। उन्होंने लोगों को झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज न कराने की सलाह देते हुए कहा कि नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी जांच कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मलेरिया में तेज बुखार के साथ कंपकंपी लगना और पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं डेंगू में तेज बुखार, आंखों के आसपास दर्द, सिर दर्द, बदन एवं जोड़ों में दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें और सरकारी अस्पताल पहुंचकर निशुल्क जांच कराएं।
साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर
जिला मलेरिया अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। विशेष रूप से कूलर, फ्रिज के पीछे रखी ट्रे, गमले, छतों पर पड़े पुराने टायर, अनावश्यक बर्तन और अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया से पीड़ित मरीजों को विशेष रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी। साथ ही बताया कि मलेरिया का उपचार निर्धारित अवधि तक पूरा करना जरूरी है। उपचार पूरा होने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार
जिला मलेरिया अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” अभियान को अपने घर से शुरू करें। रविवार को परिवार के सभी सदस्य आसपास देखें कि कहीं किसी पात्र, गमले, कटोरी, कूलर या छत पर पानी जमा तो नहीं है। यदि पानी जमा हो तो उसे तुरंत साफ करें। उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, इसलिए लोग फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने स्कूलों के माध्यम से भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूक करने की अपील की। अमित कुमार तिवारी, जिला मलेरिया अधिकारी बदायूं ने अंत में आमजन से अपील की कि डेंगू और मलेरिया को लेकर लापरवाही न बरतें, आसपास पानी जमा न होने दें और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
