स्मार्ट मीटर और RDSS के विरोध में 20 सितंबर को ‘डिजिटल भारत बंद
भारतीय किसान सेना ने किया देशव्यापी आंदोलन का ऐलान
राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने बिजली उपभोक्ताओं से एकजुट होने की अपील की, स्मार्ट मीटर की बिलिंग, पारदर्शिता और डेटा निजता को लेकर उठाए सवाल
गाजियाबाद/नई दिल्ली। स्मार्ट मीटर और केंद्र की Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) को लेकर देशभर में विरोध का स्वर तेज करने की तैयारी है। भारतीय किसान सेना ने आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को ‘डिजिटल भारत बंद’ का आह्वान किया है। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी (रब्बू भैया) ने देश के बिजली उपभोक्ताओं, किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, मजदूरों और युवाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
रविन्द्र त्यागी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता बिलिंग और मीटर से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई उपभोक्ताओं को अधिक या गलत बिजली बिल मिलने की शिकायत है, जबकि कुछ स्थानों पर पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी असंतोष है।
स्मार्ट मीटर को लेकर क्यों बढ़ रहा विरोध?
भारतीय किसान सेना का कहना है कि बिजली आम नागरिक की मूलभूत जरूरत है और बिजली व्यवस्था में किसी भी बड़े बदलाव का सीधा असर करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की सुविधा, पारदर्शिता और शिकायतों के प्रभावी समाधान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
रविन्द्र त्यागी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। संगठन का दावा है कि बिलिंग संबंधी परेशानी, रिचार्ज, मीटर संचालन और पुराने मीटर को बदलने को लेकर कई उपभोक्ताओं में असंतोष है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित बिजली विभागों और वितरण कंपनियों का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
बिजली उपभोक्ताओं के डेटा पर भी सवाल
भारतीय किसान सेना ने स्मार्ट मीटर के जरिए एकत्र होने वाले बिजली खपत संबंधी डेटा की सुरक्षा और निजता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
रविन्द्र त्यागी ने सरकार और बिजली वितरण कंपनियों से स्पष्ट करने की मांग की है कि स्मार्ट मीटर से प्राप्त उपभोक्ताओं के डेटा को किस तरह एकत्र किया जाता है, उसे कहां सुरक्षित रखा जाता है और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उपभोक्ता डेटा किसी यूटिलिटी कंपनी या तीसरे पक्ष के साथ साझा किया जाता है। संगठन का कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं को उनके डेटा के इस्तेमाल और सुरक्षा के संबंध में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
RDSS योजना को लेकर भी जवाबदेही की मांग
स्मार्ट मीटर के साथ भारतीय किसान सेना ने RDSS योजना को लेकर भी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के नाम पर किए जा रहे बदलावों की पूरी पारदर्शिता के साथ समीक्षा होनी चाहिए।
रविन्द्र त्यागी ने सवाल उठाया कि RDSS योजना से आम बिजली उपभोक्ताओं, किसानों और गरीब परिवारों को वास्तविक रूप से क्या लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़े या बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता कम हो।
‘समस्या है तो वीडियो बनाकर उठाएं आवाज’
भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिजली उपभोक्ताओं से अपनी समस्याओं को सार्वजनिक रूप से सामने लाने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को स्मार्ट मीटर से संबंधित परेशानी है, वे अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करें।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वीडियो में अत्यधिक या गलत बिजली बिल, मीटर संबंधी परेशानी, रिचार्ज अथवा बिलिंग की समस्या, पुराने मीटर को हटाने के लिए कथित दबाव या शिकायत का समाधान नहीं होने जैसी समस्याओं को तथ्यात्मक तरीके से सामने रखा जाए।
रविन्द्र त्यागी ने लोगों से संबंधित बिजली विभाग, वितरण कंपनी और सरकारी विभागों को भी सोशल मीडिया पोस्ट में टैग करने की अपील की है, ताकि शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकें।
20 सितंबर को देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
भारतीय किसान सेना का कहना है कि 20 सितंबर 2026 का ‘डिजिटल भारत बंद’ स्मार्ट मीटर और RDSS से जुड़े मुद्दों को देशव्यापी स्तर पर उठाने का माध्यम होगा।
संगठन ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों, व्यापारिक संगठनों, मजदूर संगठनों, युवा संगठनों और आम नागरिकों से आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया है।
रविन्द्र त्यागी ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार, पारदर्शिता, जवाबदेही, निजता और शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दों को लेकर है।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
भारतीय किसान सेना ने देशवासियों से 20 सितंबर को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से ‘डिजिटल भारत बंद’ में भाग लेने की अपील की है। संगठन की मांग है कि सरकार स्मार्ट मीटर और RDSS से जुड़े उपभोक्ताओं के सवालों का स्पष्ट जवाब दे तथा बिजली व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अब देखना होगा कि 20 सितंबर को प्रस्तावित इस देशव्यापी आह्वान को कितना समर्थन मिलता है और सरकार तथा बिजली वितरण कंपनियां संगठन की ओर से उठाए गए सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
