सत्य निकेतन हादसे का मामला हाई कोर्ट पहुंचा, 1-1 करोड़ मुआवजा की मांग
दिल्ली हाई कोर्ट में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का उठा मामला
- मृतक परिजनों को मुआवजा और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग के अचानक भरभराकर गिरने के मामले की जांच और मृतक छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। उच्च न्यायालय इस याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है।
सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए याचिका पर सुनवाई की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई का भरोसा दिया। याचिका लॉ छात्र अनिकेत कुमार गुप्ता ने दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे की जांच की जाए। हादसे में मृत छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। साथ ही मांग की गई है कि इस हादसे में घायल छात्रों को चिकित्सा सुविधा और प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित किया जाए। दिल्ली के पेईंग गेस्ट (पीजी) और हॉस्टल की स्ट्रक्चरल ऑडिट की जाए, ताकि खतरनाक स्थानों का पता लगाया जा सके।
याचिका में कहा गया है कि जिस "Hostel Daze Boys PG” में हादसा हुआ, वो दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक है और वो स्टूडेंट हब है। इस पीजी में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। ये हादसा 6 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे हुआ जिसके बाद मलबे में कई छात्र दब गए। याचिका में एम्स अस्पताल के बयान का जिक्र किया गया है जिसमें पांच छात्रों की मौत की बात कही गई है।
याचिका में कहा गया है कि इस हादसे की वजह की जांच कर जवाबदेही तय की जाए। इस बात की जांच की जाए कि संबंधित पीजी के पास वैध लाइसेंस था कि नहीं और उसे संचालित करने की अनुमति मिली थी कि नहीं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
