जनसुनवाई के बीच गुल हुई बिजली, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सुनी गईं महिलाओं की फरियादें

Published By Shishir Patel
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लखनऊ। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष Vijaya Rahatkar की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली जाने के बाद आयोग की अध्यक्ष, अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में शिकायतें पढ़नी पड़ीं। गर्मी और उमस के बीच एसी भी बंद हो गए, जिससे सभागार में मौजूद फरियादियों और अधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बृहस्पतिवार को आयोजित "आपके द्वार जनसुनवाई" कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की जा रही थी। इसी दौरान बिजली गुल हो गई और काफी देर तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। हालात ऐसे हो गए कि शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों को पढ़ने के लिए मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ा। गर्मी के कारण राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारी लगातार पसीना पोंछते नजर आए।स्थिति को संभालने के लिए जेनरेटर चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन बताया गया कि उसमें केवल 10 लीटर डीजल ही उपलब्ध है। कई प्रयासों के बावजूद जेनरेटर चालू नहीं हो सका, जिसके कारण पूरी जनसुनवाई बाधित माहौल में संपन्न हुई।

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65 महिलाओं की शिकायतें सुनी गईं

बिजली संकट के बावजूद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने जनसुनवाई जारी रखी और कुल 65 महिलाओं की शिकायतें सुनीं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, हत्या, धोखाधड़ी, लैंगिक हिंसा, अपहरण, छेड़छाड़ और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं।अध्यक्ष विजया रहाटकर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

योजनाओं की समीक्षा भी की गई

जनसुनवाई के बाद आयोग की अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति का आकलन किया गया।बैठक में Babita Singh Chauhan, Meenakshi Bharala, Sudeep Jain सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शिकायतों के निस्तारण पर उठे सवाल

जनसुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि महिला उत्पीड़न से संबंधित कई शिकायतें पहले भी महिला आयोग के समक्ष आ चुकी थीं, लेकिन उनका प्रभावी निस्तारण नहीं हो सका। इस पर आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती।जनसुनवाई में सामने आई समस्याओं और बिजली व्यवस्था की बदहाली ने प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों की निगरानी की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

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