बिजनौर में शिक्षा प्रेरकों का धरना,18 माह का बकाया मानदेय भुगतान की उठाई मांग
रामनाथ सिंह
बिजनौर। साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्व में संविदा पर नियुक्त शिक्षा प्रेरकों ने अपने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर विकासखंड मोहम्मदपुर देवमल स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। धरना के दौरान प्रेरकों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए 18 माह का बकाया मानदेय अब तक न मिलने पर रोष प्रकट किया।
धरना स्थल पर पहुंचे उप सचिव (साक्षर भारत मिशन)/खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को प्रेरकों ने दो सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रेरकों का आरोप है कि सरकार ने साक्षर भारत मिशन योजना को 31 मार्च 2018 को बंद कर लगभग 2250 प्रेरकों को बेरोजगार कर दिया, जबकि उनसे बीएलओ, हाउसहोल्ड सर्वे सहित कई सरकारी कार्य भी कराए गए। इसके बावजूद उनका मानदेय आज तक लंबित है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रेरक एकता कल्याण समिति (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष पुखराज सिंह मलिक ने बताया कि वर्ष 2017-18 में साक्षरता विभाग की ऑडिट के बाद भी अवशेष मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि सभी साक्षरता कर्मियों का बकाया मानदेय एकमुश्त दिया जाए तथा उन्हें अनुभव के आधार पर किसी विभाग में समायोजित किया जाए या बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
