निघासन सीएचसी में भूकंप से बचाव की मॉकड्रिल, हादसे के बाद राहत-बचाव का किया गया अभ्यास
आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई परखी, पुलिस-प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व आपदा मित्रों ने संभाली जिम्मेदारी*
शहनूर अली
निघासन-खीरी। 18 सितम्बर तरुणमित्र भूकंप जैसी आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में मॉकड्रिल आयोजित की गई। प्रशासन की ओर से तैयार की गई योजना के तहत भूकंप की स्थिति का कृत्रिम परिदृश्य तैयार कर विभिन्न विभागों की टीमों ने राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
मॉकड्रिल के दौरान भूकंप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई को परखा।
मॉकड्रिल में तहसील प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, नगर पंचायत और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। प्रशासन की योजना के अनुसार राहत-बचाव कार्य के लिए 77 आपदा मित्र लगाए गए थे। इसके अलावा दो फायर टेंडर, दो एंबुलेंस, एक बस, एक वैन, एक जेसीबी और चार छोटे वाहनों को भी अभ्यास में शामिल किया गया।
अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारियां
मॉकड्रिल में एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह को रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर/इंसिडेंट कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी। तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी डिप्टी इंसिडेंट कमांडर, नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार लाइजन ऑफिसर तथा सीओ निघासन शिवम कुमार सेफ्टी ऑफिसर/ऑपरेशन सेक्शन चीफ की भूमिका में रहे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अभ्यास किया, जबकि पुलिस, अग्निशमन और आपदा मित्रों की टीम ने बचाव अभियान में अपनी भूमिका निभाई।
आपदा के समय बेहतर समन्वय पर जोर
मॉकड्रिल का उद्देश्य किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियों को परखना तथा राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरित निर्णय, संसाधनों के उपयोग और आपसी समन्वय को मजबूत करना रहा। अधिकारियों ने मॉकड्रिल के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
