विवेकानन्द अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई छह वर्षीय बच्चे की जान
— क्रॉनिक कंस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डाइटिस बीमारी से था पीड़ित
लखनऊ।विवेकानन्द अस्पताल के डॉक्टरों छह वर्षीय बच्चे के हार्ट सर्जरी कर जान बचाई। क्रॉनिक कंस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डाइटिस बीमारी पीड़ित था,जोकि अब पूरी तरह स्वस्थ है।
विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्डियक सर्जन डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया अर्श अली को पूर्व में निदानित क्रॉनिक कंस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डाइटिस की बीमारी के कारण संस्थान में भर्ती कराया गया। वह इस बीमारी के लिए दवाओं का सेवन कर रहा था।
उन्होंने बताया बच्चे को पेट में पानी भरना , सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी एवं अत्यधिक थकान तथा दैनिक सामान्य गतिविधियों को करने में परेशानी हो रही थी। सीटी स्कैन की जांच में गंभीर क्रॉनिक कंस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डाइटिस व हार्ट के चारों ओर स्थित पेरिकार्डियम की अत्यधिक मोटाई पाई गई। चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए उसके लिए पेरिकार्डिएक्टॉमी करने का निर्णय लिया गया। बच्चा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से था और उसके पास आयुष्मान कार्ड था। शासन से आयुष्मान कार्ड की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद उसे संस्थान के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया।
शल्य चिकित्सा से पूर्व बच्चे को चार दिनों तक चिकित्सकीय देखरेख में रखकर शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के लिए उपचार दिया गया। इसके पश्चात 16 सितम्बर को उसकी शल्य चिकित्सा की गई। लगभग तीन घंटे तक चली इस जटिल शल्य चिकित्सा में सबटोटल पेरिकार्डिएक्टॉमी सफलतापूर्वक की गई।
यह शल्य चिकित्सा डॉ. अरविन्द कुमार वर्मा, कार्डियक सर्जन, द्वारा डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट के सहयोग से सम्पन्न की गई। शल्य चिकित्सा के बाद निर्धारित वीनिंग प्रोटोकॉल के अनुसार बालक को तुरंत वेंटिलेटर से हटा दिया गया अब उसकी स्थिति स्थिर रही। अब बच्चे की स्थिति ठीक है और वह चिकित्सकों की निगरानी में स्वस्थ हो रहा है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
