भव्य और गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुआ शिक्षकों का जनपद स्तरीय नवाचार महोत्सव
बस्ती - जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बस्ती में मंगलवार को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, राजकीय एवं माध्यमिक शिक्षकों का जनपद स्तरीय नवाचार महोत्सव, बेस्ट प्रैक्टिस एवं नॉलेज शेयरिंग कार्यक्रम बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुआ। नवाचार महोत्सव का समापन बुधवार को हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के बीच पारस्परिक सहयोग, नवाचार, सृजनात्मकता तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवीनतम शिक्षण विधियों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में हुआ। डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नवाचार महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए प्रेरणा का मंच है। यह शिक्षण में नवीन तकनीकों, प्रयोगों और अनुभवों को साझा करने का अवसर देता है।
इस अवसर पर विशेषज्ञों की निर्णायक समिति द्वारा विभिन्न स्तरों पर नवाचार की उत्कृष्टता के आधार पर शिक्षकों को सम्मानित किया गया। माध्यमिक स्तर पर प्रथम डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, द्वितीय शैलेश पटवा, तृतीय गीता उपाध्याय, सांत्वना नीलम गुप्ता एवं देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्राथमिक स्तर पर प्रथम सुषमा त्रिपाठी, द्वितीय बालमुकुंद (रामनगर), तृतीय प्रियंका (कप्तानगंज) सांत्वना मीना शर्मा (विक्रमजोत) एवं अनुराग (हर्रैया) को सम्मानित किया गया।समापन अवसर पर प्राचार्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा विजेता शिक्षकों को विशेष पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। चयनित नवाचारों को आगे एससीईआरटी लखनऊ को भेजा जाएगा, ताकि उनका राज्य स्तरीय स्तर पर मूल्यांकन एवं प्रसार हो सके।
मुख्य अतिथि रंजीत रंजन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक समाज का मेरुदंड हैं। शिक्षा में नवाचार से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरा राष्ट्र विकास की राह पर अग्रसर होता है। यह महोत्सव शिक्षकों को प्रेरित कर रहा है कि वे अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करें और बच्चों में मूल्य-आधारित शिक्षा के साथ-साथ जीवन कौशल का भी विकास करें। यही शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर सशक्त राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
इस आयोजन को सफल बनाने में डायट प्रवक्ता डॉ. गोविन्द प्रसाद, वंदना चौधरी, डॉ. ऋचा शुक्ला, वर्षा पटेल, सरिता चौधरी, कल्याण पाण्डेय, डॉ. रविनाथ, कुलदीप चौधरी, मो. इमरान खान, अमन सेन, शशि दर्शन त्रिपाठी आदि का विशेष योगदान रहा। साथ ही डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं शिवम पटेल, वीरेंद्र, हर्षित, विनोद, नागेश, संदीप, सुखबीर, ईशा श्रीवास्तव, क्षमा, नीरज, उदय, नीलम आर्या, अनुराधा, कीर्ति, पूजा, रूबी, बिंदु, सृष्टि, सौम्या, समीक्षा, शिवानी, अजय, अमरेंद्र, अरविंद, चंदन, अरुण, सौरभ, ज्ञानेंद्र, सूरज, सच्चिदानंद, आकाश पांडेय, आदर्श आदि ने भी पूरे उत्साह से सक्रिय भूमिका निभाई।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
